MP के इन जिलों में अगले आदेश तक बंद रहेंगी शराब की दुकानें

MP के इन जिलों में अगले आदेश तक बंद रहेंगी शराब की दुकानें

भोपाल।

देश भर में आज 4 मई से लॉक डाउन थ्री लागू कर दिया गया है। तीसरे चरण में केंद्र सरकार ने भले ही शराब दुकानें खोलने की छूट राज्यों को दे दी है लेकिन मध्यप्रदेश सरकार ने शराब दुकानों को खोलने के लिए छूट देने से साफ इंकार कर दिया है। आदेश के अनुसार एमपी के रेड जोन में शामिल जिलों में फिलहाल शराब दुकानें नहीं खोली जाएगी ।इसमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, देवास, खंडवा, बड़वानी और धार जिले मे दुकानें अगले आदेश तक बंद रहेंगी।

दरअसल, वाणिज्यक कर विभाग ने सभी कलेक्टर्स को एडवाइजरी जारी की है।जिसके तहत मप्र के ग्रीन जोन के जिलों में सभी शराब दुकाने खोली जाए। रेड जोन तीन जिले भोपाल, इंदौर और उज्जैन में आगामी आदेश तक सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। वहीं रेड जोन के 6 जिलों में मुख्यालय और शहरी क्षेत्र को छोड़कर शराब दुकान खोली जाएं । ऑरेंज जोन के जिलों में कॉन्टेन्टमेंट क्षेत्र के अलावा सभी जगह  शराब दुकान खोली जाएं।

खबर है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें ये फैसला लिया गया है। शराब दुकानें कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों के मद्देनजर फिलहाल नहीं खोलने पर सहमति बनी है।वही अन्य जिलो के रेड जोन एरिया में केवल ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानें खोली जाएगी। ऑरेंज जोन में और ग्रीन जोन में शराब दुकान खोली जा सकेंगी। हालांकि लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए इन जोन में दुकानें खोली जा सकती हैं। इसे लेकर आबकारी आयुक्त की ओर से सभी कलेक्टरों को दिशा-निर्देश भी दिए जा चुके हैं।

ग्रीन जोन वाले 24 जिले-
रीवा, अशोकनगर, राजगढ़, शिवपुरी, अनूपपुर, बालाघाट, भिंड, छतरपुर, दमोह, दतिया, गुना, झाबुआ, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, नीमच, पन्ना, सतना, सीहोर, सिवनी, सीधी, उमरिया, सिंगरौली, निवाड़ी

ऑरेंज जोन वाले 19 जिले
खरगोन, रायसेन होशंगाबाद, रतलाम, आगर-मालवा, मंदसौर, सागर, शाजापुर, छिंदवाड़ा, आलीराजपुर, टीकमगढ़, शहडोल, श्योपुर, डिंडोरी, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, विदिशा, मुरैना

रेड जोन वाले 9 जिले
इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, धार, बड़वानी, पूर्व निमाड़ (खंडवा), देवास, ग्वालियर

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews