रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया की संपत्ति आय से 829% ज्यादा, लोकायुक्त छापे के बाद सामने आई जानकारी

इंदौर लोकायुक्त पुलिस को कैलाश कुंज स्थित धर्मेंद्र भदौरिया के आवास से 75 लाख कैश, डेढ़ किलो सोने के बार, करीब 1 किलो सोने के जेवर, करीब 3 किलो चांदी के जेवर, महँगी घड़ियाँ, महंगे परफ्यूम महँगी साड़ियाँ, रिवॉल्वर, राइफल मिली हैं। 
Retired Excise Officer Dharmendra Singh Bhadauria, Lokayukta Police Raid

सेवानिवृत्ति आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया के यहां लोकायुक्त के छापे के बात बड़ी जानकारी सामने आई है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार भदौरिया के पास से आय से 829 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति के सबूत मिले हैं। छापे में 1.13 करोड रुपए नगद, लगभग 5.5 करोड रुपए का सोना और 18.59 करोड रुपए की संपत्ति की बात सामने आई है।

दो महीने पहले 31 अगस्त को आलीराजपुर जिले से जिला आबकारी अधिकारी के पद से सेवानिवृत हुए धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के लिए ये दिवाली बड़ा संकट लेकर आई, उप निरीक्षक पद से 1987 में भर्ती होकर जिला आबकारी अधिकारी तक का सफर तय करने वाले भदौरिया रिटायर होते ही लोकायुक्त के हत्थे चढ़ गए।

इंदौर, भोपाल, ग्वालियर में एकसाथ छापा 

लोकायुक्त पुलिस को शिकायत मिली थी कि धर्मेंद्र सिंह भदैरिया ने अपनी सर्विस के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है, लोकायुक्त पुलिस ने इसकी अपने स्तर पर जाँच की और शिकायत सही मिलने पर बड़े ही गोपनीय तरीके से आज बुधवार को भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में एक साथ छापामार कार्रवाई की।

इंदौर में 7, ग्वालियर-भोपाल में 1,1 ठिकाने पर रेड  

लोकायुक्त पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई इंदौर में हुई, इसके लिए इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने उज्जैन की टीम को भी साथ लिया और शहर के अलग अलग क्षेत्रों में स्थित भदौरिया के घर, फ़्लैट, ऑफिस आदि 7 ठिकानों पर छापे मारे वही ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने विवेक नगर स्थित घर पर और भोपाल लोकायुक्त पुलिस ने पलासिया क्षेत्र में स्थित फ़्लैट पर छापा मारा।

सर्विस में आय 2 करोड़, अब तक 8 करोड़ की संपत्ति उजागर 

बता दें कि धर्मेंद्र भदौरिया की आय की पूरी शासकीय सेवा से करीब 2 करोड़ रुपये होनी चाहिए लेकिन सर्च में करीब 18.59 करोड़ रुपये की चल अचल संपत्ति मिली है, इसमें घर, फ़्लैट, सोने के बिस्कुट, सोने-चांदी के जेवर मिले हैं, साथ ही पुलिस को इंदौर ग्वालियर में बैंक लॉकर होने की जानकारी मिली है

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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