‘गाड़ी नहीं छोड़ी तो वी मधुकुमार जैसा हाल कर दूंगा’ वरिष्ठ अधिकारी का ऑडियो वायरल

‘गाड़ी नहीं छोड़ी तो वी मधुकुमार जैसा हाल कर दूंगा’ वरिष्ठ अधिकारी का ऑडियो वायरल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| उपचुनाव (Byelection) को लेकर चल रही जोर आजमाइश के बीच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कथित ऑडियो वायरल (Audio Viral) होने से हड़कंप मच गया है| ऑडियो में एक शख्स पुलिस द्वारा गाडी पकड़ने पर भड़कते हुए अधिकारी पर दबाव बना रहा है और गाड़ी नहीं छोड़ने पर वी मधुकुमार जैसा हाल करने की धमकी दे रहा है|

वायरल हो रहा ऑडियो का सबंध शहडोल जिले (Shahdol) से बताया जा रहा है| ऑडियो में एक तथाकथित कबाड़ी बात कर रहा है, जिसमें कबाड़ी फ़ोन पर धमकाते हुए वरिष्ठ अधिकारी को अपनी गाड़ी छोड़ने कह रहा है। दोनों के बीच की बातचीत का ऑडियो वायरल हो रहा है| शख्स अधिकारी से कह रहा है कि नंबर एक का माल पकड़ रहे हैं, ऐसा न हो कि वी मधुकुमार जैसा हाल आपका भी हो जाए, मेरे पास वीडियो है, जो आपसे पैसे की लेनदेन की जो बात हुई है उसको पूरी वीडियो ग्राफ़ी है| आप मेरी गाडी छुडवाइये नहीं तो आपका नुकसान हो जाएगा| मेरा ईमानदारी का माल है| मैं ऊपर तक शिकायत करूंगा, सबको व्हाट्सएप करूंगा|

उल्लेखनीय है कुछ माह पूर्व वरिष्ठ IPS वी मधुकुमार का लिफाफे लेता एक वीडियो वायरल हुआ था जिसके बाद सरकार ने कार्यवाही करते उन्हें ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पद से हटा दिया था। यह ऑडियो दो तीन माह पूर्व का बताया जा रहा| एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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