मंत्री-प्रवक्ताओं की बैठक खत्म, नरोत्तम बोले- ‘एक हफ्ते में मजदूरों को लेकर 50 ट्रेनें मप्र आएंगी’

मंत्री-प्रवक्ताओं की बैठक खत्म, नरोत्तम बोले- ‘एक हफ्ते में मजदूरों को लेकर 50 ट्रेनें मप्र आएंगी’

भोपाल| कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (BJP state president VD Sharma) ने मंत्रियों और प्रवक्ताओं की बैठक बुलाई| बैठक में कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए किए जा रहे कामों की जानकारी सांझा की गई| बैठक में गरीब, जन कल्याण, किसानों के लिए किए जा रहे सरकार के काम प्रवक्ताओं के माध्यम से जनता तक ले जाने को लेकर चर्चा हुई| बैठक ख़त्म होने के बाद मीडिया से चर्चा में स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने कहा कोरोना चिंता की बात है घबराने की नहीँ|

मंत्री डॉ मिश्रा ने कहा कोई स्वस्थ व्यक्ति को कोरोना होता है और वो तीन दिन के अंदर अस्पताल पहुँचता है तो उसकी मौत नहीं होगी| उन्होंने बताया कि सरकार के पूरे प्रबंध है, हमारी चिंता है कि मौतें कम हो, मरीज मिल भी रहे है औऱ ठीक भी हो रहे है|

एक सप्ताह में मजदूरों को लेकर 50 ट्रेन मध्यप्रदेश आएंगी
प्रवासी मजदूरों को लेकर नरोत्तम मिश्रा ने कहा अब तक 1 लाख मजदूर वापस आ चुके है| चार ट्रेन मजदूरों को लेकर आ चुकी है| कल 9 ट्रेन आ रही है| उन्होंने बताया अगले एक हफ्ते में दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को लेकर 50 ट्रेन मध्यप्रदेश आएगी| हमारी कोशिश रहेगी की हर जिले में एक ट्रेन आये, ताकि कलेक्टर को परेशान न होना पड़े, बेहतर तरीके से लोगों को सोशल डिस्टेंसिग की मदद से घर पहुँचाया जा सकें, सबसे ज्यादा 23 ट्रेन गुजरात से आएगी| मंत्री ने बताया जम्मू कश्मीर के मप्र में रहने वाले 600 छात्रों को 25 बसों से भेजने की व्यवस्था की है, ट्रेन से छात्रों को भेजने की व्यवस्था की जा रही है|

कमलनाथ पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के मुख्यमंत्री शिवराज को लिखे पत्र पर स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा मजदूरों के आने जाने का कही पैसा दिया हो तो बताए| कमलनाथ केवल मीडिया में आने के लिए इस तरह का पत्र लिखते है, जब मैदान में निकलना था तब नहीं गए अब क्या जाएंगे|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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