एमपी कांग्रेस ने जीतू को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, बनाया मीडिया विभाग का अध्यक्ष

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भोपाल/इंदौर।
कोरोना संकट के बीच 15 महिने में ही सत्ता से बाहर एमपी कांग्रेस ने पूर्व मंत्री और ‪इंदौर के राऊ क्षेत्र से कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को बड़ी जिम्मेदारी सौपी है। कांग्रेस ने जीतू को एमपी कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष बनाया है।इससे पहले इस पद पर शोभा ओझा थी। जिन्हें बीते दिनों चले सियासी घमासान के बीच महिला आयोग का अध्यक्ष भी बनाया गया था, हालांकि शिवराज सरकार के आते ही उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी गई है।जीतू मप्र कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष भी है और राहुल गांधी के खास माने जाते है।जीतू व्यक्तित्व, छवि, कार्य क्षमता, प्रभाव, विकास की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता, कार्यशैली में निपुण नेता माने जाते है।

जीतू पटवारी के राजनैतिक करियर पर एक नजर

जीतू पटवारी एमपी के सबसे तेज तर्रार नेता माने जाते है। पटवारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और इंदौर की राऊ विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। पटवारी को किसानों के मुद्दे पर लड़ाई लड़ने वाले नेता के रूप में जाना जाता है। विपक्ष में रहते हुए उन्होंने पूर्व सरकार के खिलाफ कई आंदोलन प्रदर्शन किये, वहीं उनकी साईकिल यात्रा भी सियासी गलियारों में चर्चा बनती रही है। उन्होंने पिछली सरकार के समय इंदौर से भोपाल तक साईकिल यात्रा भी की थी।हाल ही में उन्हें फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री सम्मान प्रदान किया गया था। जीतू ने शराबबंदी, तालाब संरक्षण और किसानों के हितों के मुद्दे उठाकर राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने में सफलता हासिल की है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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