MP सरकार आज फिर लेगी 1800 करोड़ का कर्ज: कांग्रेस का हमला, जीतू पटवारी बोले “कर्ज के दलदल में डूबी बीजेपी सरकार”

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार लगातार बाजार से हजारों करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है, लेकिन कई विभाग आवंटित बजट राशि तक खर्च नहीं कर पा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार विकास के नाम पर उधारी बढ़ा रही है, जबकि सरकारी विभागों का वित्तीय प्रबंधन ही पटरी पर नहीं है।
Jitu Patwari PC

Jitu Patwari

मध्यप्रदेश में बीजेपी सरकार द्वारा 1800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने को लेकर कांग्रेस हमलावर है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार लगातार कर्ज के सहारे चल रही है।

बता दें कि राज्य सरकार इससे पहले पिछले माह अप्रैल में भी बाजार से 4600 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। अब 1800 करोड़ रुपये के नए ऋण को लेकर कांग्रेस ने सरकार की आर्थिक नीतियों और बढ़ती उधारी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। वहीं सरकार का कहना है कि विकास कार्यों और योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए ऋण लिया जा रहा है।

एमपी सरकार ने फिर लिया कर्ज

एमपी सरकार ने एक बार फिर बाजार से 1800 करोड़ रुपये का ऋण उठाया है। चालू वित्त वर्ष में सरकार द्वारा लिया गया यह दूसरा बड़ा उधार है। इस राशि में 1200 करोड़ रुपये और 600 करोड़ रुपये के दो अलग-अलग राज्य विकास ऋण (SDL) शामिल हैं। वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार 1200 करोड़ रुपये का बॉन्ड “7.86% मध्यप्रदेश राज्य विकास ऋण 2042” के तहत जारी किया गया है। जानकारी के अनुसार, इस बॉन्ड की अवधि 16 वर्ष रखी गई है और इसकी मैच्योरिटी 15 अप्रैल 2042 को होगी। निवेशकों को इस पर 7.86 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जाएगा। ब्याज भुगतान हर वर्ष 15 अप्रैल और 15 अक्टूबर को अर्धवार्षिक आधार पर किया जाएगा।

जीतू पटवारी ने बीजेपी को घेरा

इस नए ऋण को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह कर्ज पर निर्भर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि “आज मोहन यादव जी ने 1800 करोड़ रुपये का फिर कर्ज लिया है। मोहन सरकार की सिर्फ पांच उंगलियां नहीं, पूरी सरकार कर्ज के दलदल में डूबी हुई है। भाजपा सरकार का एक ही मिशन है कर्ज, करप्शन और कमीशन।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आर्थिक प्रबंधन में पूरी तरह विफल साबित हो रही है और हर जरूरत के लिए बाजार से उधारी ली जा रही है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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