VIDEO : भोपाल लोकायुक्त का एक्शन, नगर पालिका अकाउंटेंट को 20 हजार की रिश्वत लेते धरा, बिलों के पेमेंट के एवज में मांगे थे पैसे

VIDEO : भोपाल लोकायुक्त का एक्शन,  नगर पालिका अकाउंटेंट को  20 हजार की रिश्वत लेते धरा, बिलों के पेमेंट के एवज में मांगे थे पैसे

Bhopal Bribe News : मध्य प्रदेश में रिश्वत और भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है।आए दिन लोकायुक्त टीम द्वारा सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है।इसी क्रम में भोपाल लोकायुक्त ने नगर निगम के अकाउंटेंट को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अकाउंटेंट ने ठेकेदार से बिलों का पेमेंट करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी, जिसके शिकायत लोकयुक्त में की गई थी।

बिलों के पेमेंट के एवज  में अकाउंटेंट ने मांगी थी रिश्वत

जानकारी के अनुसार, ये पूरा मामला भोपाल की बैरासिया नगर पालिका का है। यहां गवर्नमेंट कांट्रेक्टर सुनील सूर्यवंशी को नगर पालिका बैरसिया द्वारा स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में दुकान निर्माण करने का ठेका मिला था और जब काम पूरा हुआ तो वह पेमेंट लेने के लिए गया । इस दौरान लेखापाल सचिन कठाने ने बिलों को पास कराने के लिए गवर्नमेंट कांट्रेक्टर सुनील सूर्यवंशी से 10 परसेंट यानि 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी और पहली किस्त के रुप में 20 हजार रुपए मांगे थे।

लोकायुक्त ने शिकायत पर लिया एक्शन, रंगेहाथों किया गिरफ्तार

इसकी शिकायत कांट्रेक्टर सुनील कुमार ने भोपाल लोकायुक्त से की थी, मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकायुक्त टीम ने जांच की और मामले को सही पाया।इसके बाद टीम ने योजना बनाई और कांट्रेक्टर को रुपए देकर लेखपाल के पास भेजा । जैसे ही लेखपाल सचिन कठाने  ने रिश्वत की पहली किस्त के 20,000 (रंग लगे नोट) रुपए लेने के लिए जैसे ही हाथ बढ़ाया, पीछे से लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों धर दबोचा। आरोपी लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत अपराध दर्ज कर जांच की कार्रवाई की जा रही है।

भोपाल लोकायुक्त टीम ने की कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त संगठन भोपाल के मार्गदर्शन में गठित टीम डीएसपी अनिल बाजपाई, ट्रेपकर्ता अधिकारी मयूरी गौर, निरीक्षक नीलम पटवा,रामदास कुर्मी, राजेंद्र पावन मुकेश परमार हेमेंद्र पाल ने इस पूरी कार्रवाई को अंजान दिया ।

[dgv_vimeo_video id=”932421845″]

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews