MP News : किसानों के लिए अच्छी खबर, शासन ने अल्पकालीन फसल ऋण की देय तिथि बढ़ाकर 31 मई की

सरकारी बैंकों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना निरन्तरता के संबंध में भी निर्देश जारी किये गये हैं।
MP farmer

MP News : मध्य प्रदेश के ऐसे किसानों के लिए ये एक अच्छी खबर है जिन्होंने अल्पकालीन फसल ऋण लिया है लेकिन अन्तिम देय तिथि यानि ड्यू डेट 30 अप्रैल निकल जाने तक लोनजमा नहीं किया , अब सहसन ने देय तिथि बढ़ाकर 31 मई करने का निर्णय लिया है। राज्य शासन ने केवल उपार्जन से संबंधित कृषकों के लिए खरीद 2023 सीजन में वितरित किए गए अल्पकालीन फसल ऋण की देय तिथि बढ़ाकर 31 मई 2024 नियत की है। पहले यह तिथि 30 अप्रैल निर्धारित थी।

एमपी के इन किसानों के लिएअच्छी खबर 

सरकारी बैंकों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिये जाने की योजना निरन्तरता के संबंध में भी निर्देश जारी किये गये हैं। योजनान्तर्गत खरीफ 2023 सीजन में वितरित अल्पकालीन फसल ऋण की देय तिथि (डयू डेट) 28 मार्च, 2024 को बढ़ाकर 30 अप्रैल, 2024 करने के आदेश सहकारिता विभाग ने प्रसारित किये हैं।

तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल से 31 मई करने का फैसला 

किसानों को उपार्जित फसल की देय राशि प्राप्त होने में तकनीकी आदि कारणों से विलंब को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि केवल ऐसे कृषकों जिनके द्वारा निर्धारित डयू डेट 30 अप्रैल, 2024 तक समर्थन मूल्य पर अपने विभिन्न फसलों जैसे – गेहूं, चना, मसूर, सरसों आदि का विक्रय किया गया है एवं उन्हें उनके उपज विक्रय की राशि का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है तथा उपार्जन की निर्धारित अंतिम तिथि तक उक्त फसलों का विक्रय करने वाले शेष किसानों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर योजनान्तर्गत खरीफ 2023 सीजन की निर्धारित डयू डेट 30 अप्रैल, 2024 को बढ़ाकर 31 मई, 2024 किया जायेगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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