मध्यप्रदेश में ‘नशा मुक्ति अभियान’ के तहत सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, गोपनीयता के साथ होगी त्वरित कार्रवाई

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'नशा मुक्ति अभियान: नशे से दूरी है जरूरी' के अंतर्गत बच्चों, किशोरों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी पर आधारित है जिसमें समाज के विभिन्न वर्ग सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं।
Madhya Pradesh drug awareness campaign

मध्यप्रदेश में 30 जुलाई तक नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस विभाग द्वारा पंद्रह जुलाई को अभियान प्रारंभ किया गया है और इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। सरकार ने इस अभियान को व्यापक जन सहयोग से जोड़ने के उद्देश्य से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। यह नंबर 24×7 उपलब्ध रहेगा और सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अभियान को लेकर कहा है कि नशा एक सामाजिक बुराई है जो युवाओं, परिवारों और समाज को अंदर से खोखला कर देता है और इसे जड़ से मिटाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नशा सिर्फ स्वास्थ्य को नहीं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न कर देता है। इसीलिए हमें नशे को खत्म करने के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा।

मध्यप्रदेश को नशा मुक्त करने का अभियान

मध्यप्रदेश में 15 से 30 जुलाई तक ‘नशा मुक्ति अभियान: नशे से दूरी है जरूरी’ नाम से प्रदेशव्यापी जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य समाज को नशे की बुराई से मुक्त करना और नागरिकों को इसके खिलाफ एकजुट करना है। पुलिस विभाग द्वारा संचालित इस विशेष अभियान में समाज के सभी वर्गों का सहयोग लिया जा रहा है। ‘नशा मुक्ति अभियान’ न सिर्फ मादक पदार्थों की तस्करी और सेवन पर अंकुश लगाने के लिए चलाया जा रहा है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देता है।

हेल्पलाइन नंबर जारी

सरकार ने नागरिकों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ जागरूक बनें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें। इसलिए लिए मानस हेल्पलाइन 1933 पर जारी किया गया है। ये नंबर सातों दिन चौबीस घंटे उपलब्ध है। इस हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने वाले व्यक्ति की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा और सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। नशा मुक्ति अभियान में स्कूल, कॉलेज, पंचायत, नगरीय निकाय, ग्रामीण क्षेत्र, सामाजिक संस्थाएं, मीडिया, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक भी शामिल हो रहे हैं। बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार पहले ही 19 धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी लागू कर चुकी है और प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews