राज्यपाल के अभिभाषण में भागीरथपुरा की मौतों का जिक्र नहीं, भड़की कांग्रेस ने किया हंगामा

सिंघार ने कहा, सरकार ने जो भारी कर्ज लिया है, वह जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है, किसी मंत्री या मुख्यमंत्री की निजी संपत्ति नहीं। यह कर्ज कहाँ खर्च हुआ, किसे लाभ मिला इसका जवाब सरकार को देना ही होगा।
Umang Singhar

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मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया लेकिन पहले ही राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा हो गया और राज्यपाल अधूरा अभिभाषण पढ़कर चले गए, बाद में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया।

विधानसभा में पहले ही दिन हंगामे की वजह राज्यपाल के अभिभाषण में इंदौर के भागीरथपुरा में प्रदूषित पानीस से हुई मौतों का जिक्र नहीं होना था, राज्यपाल ने ने जब अपना अभिभाषण शुरू किया तो कुछ देर बाद ही नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि राज्यपाल ने कुछ पन्ने पढ़े ही नहीं है वे अपनी सीट पर कहदे होकर इसका विरोध करने लगे उनके साथ अन्य कांग्रेस विधायक भी इस बात पर आपत्ति जताने लगे।

अधूरा अभिभाषण छोड़कर चले गए राज्यपाल  

शोर शराबे के बीच राज्यपाल अपना अभिभाषण पढ़ते रहे लकिन ज्यादा शोर होने के कारण वे 18 मिनट बाद ही जयहिंद बोलकर अधूरे में ही अभिभाषण छोड़कर चले गए, उनके जाने के बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई जिसमें स्पीकर नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि अभिभाषण का जो भाग पढ़ा नहीं गया है उसे पढ़ा हुआ माना जायेगा उसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया।

अभिभाषण में केवल सरकार के जुमले 

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस बात पर  कड़ी आपत्ति जताई , उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- राज्यपाल का अभिभाषण सरकार का आईना होता है, लेकिन आज उसमें सच्चाई नहीं, केवल सरकारी जुमले दिखाई दिए।

जमीनी मुद्दे अभिभाषण से गायब रहे

सिंघार ने कहा-  प्रदेश में स्वच्छ पानी के दावे किए गए, जबकि इंदौर के भागीरथपुरा जैसी घटनाएँ हकीकत उजागर करती हैं। किसानों की समस्याएँ, जनता की पीड़ा और जमीनी मुद्दे अभिभाषण से गायब रहे। घोषणाएँ कुछ और, वास्तविकता कुछ और यही इस सरकार की पहचान बन गई है।

सरकार को जवाब देना होगा 

उन्होंने कहा- सरकार ने जो भारी कर्ज लिया है, वह जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है, किसी मंत्री या मुख्यमंत्री की निजी संपत्ति नहीं। यह कर्ज कहाँ खर्च हुआ, किसे लाभ मिला इसका जवाब सरकार को देना ही होगा। कांग्रेस पार्टी प्रदेश के हर नागरिक की आवाज़ सदन से सड़क तक उठाएगी और बजट से पहले कर्ज व वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र लाने की मांग करती है।

Atul Saxena
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Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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