एमपी विधानसभा परिसर में कांग्रेस ने “भैंस के आगे बजाई बीन”, सरकार पर लगाये आरोप, रामेश्वर शर्मा का पलटवार

उमंग सिंघार ने कहा सरकार अब पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। जैसे भैंस के आगे बीन बजाई जाए तो वह न तो सुनती है, न ही प्रतिक्रिया देती है, ठीक उसी तरह यह भाजपा सरकार भी विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे गंभीर और जनहित से जुड़े सवालों पर 'मौन' है।
Congress protest MP assembly premises

मध्य प्रदेश विधानसभा में आज मानसून सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत से पहले कांग्रेस ने एक बार फिर प्रदर्शन किया , सोमवार को कांग्रेस हाथ में गिरगिट का खिलोना लेकर पहुंची थी आज दो विधायकों को भैंस के रूप में लेकर पहुंची , कांग्रेस विधायकों के हाथ में बीन थी और वे बजाकर प्रदर्शन कर रहे थे, उनका कहना था ये सरकार भी भैंस की तरह हो गई है।

मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन पर रोक के बावजूद कांग्रेस लगातार विधानसभा अध्यक्ष के आदेश का उल्लंघन कर रही है, आज मानसून सत्र के लगातार दूसरे दिन कांग्रेस ने आदेश को दरकिनार कर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया और नारेबाजी की, प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कर रहे थे।

भैंस का मुखौटा पहने बीन बजाते कांग्रेस विधायकों का प्रदर्शन 

सरकार को घेरने के लिए हँसते मुस्कुराते हुए उमंग सिंघार अपनी पार्टी के विधायकों के साथ हाथों में बीन और दो विधायकों को काले कपड़े और भैंस का मुखौटा लगाकर परिसर में पहुंचे और नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया,  उमंग सिंघार ने कहा जैसे भैंस को कुछ समझ नहीं आता उसके सामने बीन बजाओ फिर भी असर नहीं होता ऐसे ही भाजपा सरकार है उसे भी जनता के मुद्दे दिखाई नहीं देते, उनकी आवाज सुनाई नहीं देती, उमंग सिंघार बोलते जा रह थे भैंस के रूप में मौजूद विधायक सिर हिला रहे थे और बाकि विधायक बीन बजा रहे थे।

रामेश्वर शर्मा ने कसा तंज, बिना नाम लिए राहुल गांधी पर निशाना 

कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने तंज कसा है उन्होंने नागपंचमी की शुभकामनायें देते हुए राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि अभी कुछ दिन पहले इंटरनेश्नल सपेरे भोपाल आये थे उन्होंने आस्तीन के सांप ढूँढने के लिए कहा था, अब चूँकि कांग्रेस ने इतने आस्तीन के सांप है तो उन्हें ढूँढने के लिए बीन तो बजी पड़ेगी मैं उन्हें इसके लिए शुभकामनायें देता हूँ।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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