भोपाल में आज एनईपी-2020 पर राष्ट्रीय कार्यशाला, सीएम डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में भविष्य के पाठ्यक्रमों पर होगा मंथन

उच्च शिक्षा को भविष्य की चुनौतियों और रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से ये कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें एआई, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कम्प्यूटिंग और नवाचार आधारित पाठ्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा होगी।
CM Mohan Yadav

फाइल फोटो

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षा को बदलती वैश्विक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में आज भोपाल में एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला की अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल करेंगे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन सहित देशभर के शिक्षाविद, वैज्ञानिक, उद्योग विशेषज्ञ और विश्वविद्यालयों के कुलपति भी भाग लेंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर होगा मंथन

एनईपी के तहत उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों को आधुनिक और रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से भोपाल में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित हो रही है। इसमें एआई, क्वांटम कम्प्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और उद्योग-अनुरूप शिक्षा जैसे विषयों पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे। कार्यशाला का विषय “उभरते ज्ञान क्षेत्र, उन्नत पाठ्यक्रम : दृष्टि, दिशा एवं क्रियान्वयन” रखा गया है जिसमें भविष्य की तकनीकों और उद्योगों की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने पर मंथन होगा। इस दौरान उच्च शिक्षा विभाग पाठ्यक्रम आधुनिकीकरण की अपनी पहल प्रस्तुत करेगा। इसके अलावा विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान भी प्रस्तावित है जिससे शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ साझा करेंगे विचार

दिनभर चलने वाले चार तकनीकी सत्रों में एआई, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कम्प्यूटिंग, ब्लॉकचेन, हरित ऊर्जा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, फिनटेक, डिजिटल बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन, पर्यटन, विमानन, कृषि नवाचार, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक साझेदारी जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। साथ ही इन क्षेत्रों को विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में प्रभावी ढंग से शामिल करने की रणनीति पर भी विस्तृत चर्चा होगी।

कार्यशाला में आईआईटी, आईआईएम, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम), फिक्की और क्रिस्प सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। विश्वविद्यालयों के कुलपति, महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक और नीति-निर्माता भी इस विमर्श का हिस्सा बनेंगे।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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