फर्जी अस्पतालों के विरोध में NSUI ने लगाये पोस्टर, भोपाल सीएमएचओ को निलंबित करने की मांग

NSUI का आरोप है कि भोपाल सीएमएचओ डॉ मनीष शर्मा के नेतृत्व में भोपाल में बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है, उनकी टीम फर्जी रिपोर्ट बनाकर अस्पताल खोल रहे हैं और सीएमएचओ अस्पतालों को संरक्षण दे रहे हैं।
NSUI protest against fake hospitals

NSUI protest against fake hospitals

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल पर फर्जी रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल खोलने और उन्हें संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाये हैं, एनएसयूआई ने जनता के स्वास्थ्य के साथ किये जा रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए आज अनोखे तरीके से इस फर्जीवाड़े के खिलाफ विरोध जताया।

एनएसयूआई भोपाल के पदाधिकारियों ने राजधानी भोपाल में लगातार सामने आ रहे फर्जी अस्पतालों के मामलों को लेकर अनोखा विरोध दर्ज कराया है। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार का आरोप है कि शहर में कई अस्पताल ऐसे संचालित हो रहे हैं, जिनके संचालक कागजों में डॉक्टर और स्टाफ दर्शाकर नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि इन मामलों को लेकर निरंतर शिकायतें एवं विरोध किए जाने के बावजूद सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे यह प्रतीत होता है कि राजधानी में फर्जी अस्पतालों का एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है।

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने फर्जीवाड़े का विरोध जताते हुए आज उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के आवास, स्वास्थ्य संचालनालय कार्यालय, आयुष्मान कार्यालय एवं सीएमएचओ कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाये और आक्रोश जताया ।

फर्जी अस्पतालों को संरक्षण देने के आरोप 

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है। राजधानी भोपाल में ग्रामीण क्षेत्रों, कस्बों और छोटे शहरों से मरीज बड़ी उम्मीदों के साथ इलाज कराने आते हैं,  कई अस्पतालों में रजिस्टर्ड स्टाफ तक उपलब्ध नहीं है, फिर भी सीएमएचओ संरक्षण के कारण संचालित हो रहे हैं, ऐसे फर्जी अस्पताल मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।

CMHO को निलम्बित करने की मांग 

प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने मांग की कि सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा को तत्काल निलंबित कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो एनएसयूआई उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निवास का घेराव कर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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