भोपाल के एक व्यक्ति की नाइजीरिया में मौत, बेटी-पत्नी ने ऑनलाइन किये अंतिम दर्शन, बेटी ने पीएम मोदी से मांगी मदद

भोपाल के एक व्यक्ति की नाइजीरिया में मौत, बेटी-पत्नी ने ऑनलाइन किये अंतिम दर्शन, बेटी ने पीएम मोदी से मांगी मदद

भोपाल

इस भयावह कोरोना क्राइसिस के बीच भोपाल के एक व्यक्ति की नाइजीरिया में मौत हो गई है और अब उनकी बेटी सहायता के लिये पीएम मोदी से गुहार लगा रही हैैं। सत्येंद्र शर्मा नाम के ये व्यक्ति नाइजीरिया में एक कंपनी में डिप्टी जनरल मैनेजर थे और उनका वहां मृत्यु हो गई। इस कोरोना संकटकाल में नाइजीरिया में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया और बेटी तथा पत्नी ने आनलाइन ही उनके अंतिम दर्शन किये। लेकिन अब उनकी बेटी अपने पिता की मौत की असल वजह और नाइजीरिया की कंपनी की गैर जिम्मेदाराना रवैये को लेकर दुखी हैं और इसके लिये उनकी बेटी दीपिका शर्मा ने ट्विटर पर एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सहायता की गुहार लगाई लगाई है।

दीपिका का कहना हैै कि उन्हें नाइजीरियाई कंपनी, प्रशासन या अस्पताल से कोई सहयोग नहीं कर रहा है। उनका कहना है कि मेरे पिता लागोस की कंपनी दांगोटे इंडस्ट्रीज प्रा.लि. में डिप्टी जनरल मैनेजर थे। उन्हें पहले से न तो कोई बीमारी नहीं थी और कोई संक्रमण भी नहीं था। उन्हें याबा के मेनलैंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। यह अस्पताल संक्रामक रोगों के इलाज के लिए जाना जाता है। उन्हें मलेरिया के लक्षण दिखने के बाद 16 अप्रैल को एडमिट किया गया था। अस्पताल के टेस्ट में भी मलेरिया की पुष्टि हुई। एक्स-रे रिपोर्ट में उनमें सीने में संक्रमण पाया गया। डॉक्टरों ने कहा कि उनकी हालत अच्छी है और इलाज के बाद 3-4 दिन में उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इसके बाद 17 अप्रैल को उनका कोरोना टेस्ट के लिये भी सेंपल लिया गया और बताया गया कि 19 तक उसकी रिपोर्ट आ जाएगी।

21 अप्रैल तक दीपिका शर्मा और दांगोटे ग्रुप के एचआर के बीच संवाद होता रहा, कंपनी द्वारा बताया गया कि उनकी हालत ठीक है। लेकिन 23 अप्रैल को कंपनी के एचआर से फोन आया कि उनके पिता को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया है। उसी शाम को बताया कि उनका निधन हो गया है। 23 अप्रैल तक कोविड-19 की रिपोर्ट नहीं आई थी। और अब न तो अस्पताल प्रबंधन इस बारे में कोई जानकारी दे रहा है न ही दांगोटे ग्रुप द्वारा कोई सही वजह बताई जा रही है।

दीपिका शर्मा इस दुखद समय में नाइजीरियन कंपनी और वहां के प्रशासन के गैर जिम्मेदाराना रवैये से परेशान है। उनका कहना है कि इस समय उन्हें कही से भी मदद नहीं मिल पा रही है और इसीलिये उन्होने लिखा है कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्रालय और नाइजीरिया की दूतावास से प्रार्थना करती हूं कि वे इस मामले में वहां के अधिकारियों द्वारा की गई चिकित्सा लापरवाही को देखें। मैं अपने पिता की इकलौती संतान हूं। मुझे उनकी मौत की वजह जानने और रिपोर्ट दिलाने में मदद कीजिए।

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निदेशक और संपादक

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