निगम और BDA की मनमानी का विरोध, सड़कों पर उतरे रहवासी

निगम और BDA की मनमानी का विरोध, सड़कों पर उतरे रहवासी

भोपाल।
नगर निगम और बीडीए की मनमानी का विरोध बीसीए सलैया कॉलोनी के रहवासियों ने विरोध किया है।रहवासियों ने बीडीए सलैया कॉलोनी के एसटीपी प्लांट को बिल्डिंग से दूर हटाने और कॉलोनी के सीवेज को अमृत योजना में ना जोड़ने की मांग की है।

डेढ़ करोड़ की लागत से एसटीपी प्लांट पूरी तरह फेल होता नजर आ रहा है। रहवासी लगातार आ रही बदबू से परेशान हो रहे है। आज प्रदर्शन के दौरान STP की बदबू से STP के सामने रहने राजकुमार जाटव को दौरा पड़ गया और वो बेहोश हो गए।कॉलोनी में सीवेज पंप हाउस का विरोध करने पर नगर निगम ने कॉलोनी के सीवेज को अमृत योजना से जोड़ने से इंकार करने का विरोध किया है । प्रदर्शनकारियों ने कॉलोनी के सीवेज को अमृत योजना से जोड़ने और कॉलोनी के 500 मीटर दूर पंप हाउस बनाने की मांग को लेकर ये प्रदर्शन किया ।इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रही।

बता दे कि नगर निगम अब सलैया स्थित बीडीए प्रोजेक्ट के भीतर सीवेज पम्प हाउस नहीं बनाएगा। स्थानीय रहवासियों के लगातार विरोध के बाद निगम ने बीडीए को पत्र लिख कर साफ कर दिया है कि विरोध के कारण निगम इस कॉलोनी को अपने सीवेज नेटवर्क से बाहर कर रहा है। ऐसी स्थिति में कॉलोनी के पास या बाहरी सड़क से सीवेज पाइप लाइन बिछाई जाएगी जो सलैया में बन रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचेगी।बीडीए के सलैया प्रोजेक्ट में करीब डेढ़ करोड़ रुपए रुपए से बना सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद पड़ा है।इसका नतीजा यह है कि यहां बदबू फैली रहती है। हालात इतने खराब हैं कि कुछ लोग मकान खाली करके किराए के घरों में रहने के लिए चले गए हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews