फूल सिंह बरैया का बड़ा बयान-जिस जिले में उपचुनाव, सामने आ रहे ज्यादा मरीज

फूल सिंह बरैया का बड़ा बयान-जिस जिले में उपचुनाव, सामने आ रहे ज्यादा मरीज

भोपाल।

कोरोना के बढ़ते आंकड़ों के कारण मध्य प्रदेश की 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव टाले जा सकते है। भारत चुनाव आयोग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में 7 सितंबर के पहले उपचुनाव होंगे अथवा नहीं इसको लेकर 24 तारीख की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।लेकिन इसके पहले एमपी में उपचुनाव मे देरी को लेकर कांग्रेस बीजेपी पर आक्रमण हो गई है और आरोप लगा रही है कि हार के डर से चुनावों को टालने की कोशिश कर रही है।वही चुनाव आयोग पर भी सवाल खड़े किए जा रहे है। अब कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व राज्यसभा प्रत्याशी फूल सिंह बरैया ने बड़ा बयान दिया है।

बरैया का कहना है कि मध्यप्रदेश में मुरैना में सबसे ज्यादा कोरोना निकल रहा है क्योंकि सबसे ज्यादा पांच सीटों उपचुनाव मुरैना में है। जिस जिले में उपचुनाव नही है, वहां कोरोना का मरीज नहीं निकल रहा ।बीजेपी डरी हुई है ,कोई चुनाव नहीं जीत सकती इसीलिए कोरोना कि आड़ में चुनाव टालने की कोशिश की जा रही है ।

बरैया यही नही रुके और आगे कहा कोरोना दुनिया भर में घातक है, पर मध्यप्रदेश में कोरोना पालतू हो गया है । बीजेपी ने कोरोना के नाम पर इतना चंदा ले लिया है कि कोरोना बीजेपी वालों के लिए कमाऊ पूत बन गया है। बीजेपी की सरकार ने मध्य प्रदेश में कोरोना की संख्या को बढ़ाया है।

बता दे कि कांग्रेस 26 सीटों पर होने वाले उपचुनाव मतपत्र से कराने की मांग की है। उन्होंने चुनाव आयोग से ईवीएम की जगह मतपत्र से चुनाव की मांग की है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews