महंगाई पर घमासान: खुदरा महंगाई 17 महीने के उच्चतम स्तर पर, उमंग सिंघार ने सरकार से मांगा जवाब

कांग्रेस नेता ने कहा कि महंगाई का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई और घरेलू बजट पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण का रोडमैप बताने की मांग करते हुए कहा कि बढ़ती कीमतों और महंगी ईएमआई के बीच आम नागरिक लगातार आर्थिक दबाव झेल रहा है।
Umang Singhar

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देश में जून के खुदरा महंगाई के आंकड़े सामने आने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस शुरु हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि महंगाई ने आम जनता की रसोई और जेब..दोनों पर एक साथ हमला किया है।

उमंग सिंघार ने कहा कि जून 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो पिछले 17 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। उन्होंने कहा कि लगातार कई महीनों से महंगाई बढ़ रही है और इसका सबसे अधिक असर रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि खाद्य महंगाई 5.32 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई 4.74 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 3.92 प्रतिशत दर्ज की गई है।

उमंग सिंघार ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने महंगाई के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा है। उन्होंने कहा कि अदरक की कीमतों में 50.41 प्रतिशत और टमाटर में 31.92 प्रतिशत की बढ़ोतरी आम परिवारों के बजट को प्रभावित कर रही है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि यदि महंगाई का दबाव बना रहा तो भारतीय रिजर्व बैंक भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है जिससे होम लोन, ऑटो लोन और अन्य कर्ज की ईएमआई महंगी हो सकती है।

बीजेपी से किए सवाल

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आम नागरिक दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ रसोई का खर्च लगातार बढ़ रहा है तो दूसरी ओर ईएमआई का बोझ भी बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल किया है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार का स्पष्ट रोडमैप क्या है या फिर बीजेपी ने जनता को बढ़ती कीमतों के भरोसे ही छोड़ दिया है।

बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा जारी जून के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई आंकड़ों के अनुसार खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38 प्रतिशत हो गई है। इसके साथ ही महंगाई एक बार फिर भारतीय रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के मध्यम अवधि के लक्ष्य से ऊपर पहुंच गई है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी को महंगाई बढ़ने का प्रमुख कारण माना जा रहा है। महंगाई के लगातार ऊंचे स्तर पर बने रहने की स्थिति में मौद्रिक नीति और ब्याज दरों को लेकर भी बाजार की नजरें आरबीआई के अगले फैसलों पर टिकी हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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