बाढ़ के हालात पर शिवराज की पल पल नजर, आज बुलाई कैबिनेट बैठक

बाढ़ के हालात पर शिवराज की पल पल नजर, आज बुलाई कैबिनेट बैठक

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बाढ़ से प्रदेश के कई क्षेत्रों में भयानक तबाही हुई है। पिछले 70 सालों में ऐसी स्थिति नहीं देखी। बाढ़ के हालात पर सीएम शिवराज पूरी तरह नजर रखे हुए हैं और बैठकों का दौर लगातार जारी है। आज भी इसी सिलसिले में कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। इससे पहले बुधवार देर रात अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सीएम ने कहा कि श्योपुर शहर में 20-20 फीट पानी है। रतनगढ़ वाली माता पुल तथा सनकुआ पुल के ऊपर पानी जा रहा है। बड़ी संख्या में घर गिरे हैं। इस दौरान उन्होने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

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सीएम शिवराज ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए जी जान से काम करें। राहत शिविरों के अलावा प्रभावित बस्तियों में भी भोजन, स्वच्छ पेयजल आदि की व्यवस्था करें। उन्होने कहा कि कभी कभी ऐसा मौका आता है जब जी जान से काम करने की आवश्यकता होती है। इस समय वह मौका है। अपनी पूरी ताकत से सामाजिक संगठनों तथा सभी का पूरा सहयोग लेते हुए बाढ़ प्रभावितों के लिए कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत शिविरों के अलावा बाढ़ प्रभावित बस्तियों में भी भोजन स्वच्छ जल आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। टूटे मकानों की मरम्मत, बिजली की आपूर्ति बहाल करना, टूटे फूलों को दुरुस्त कराना, संचार व्यवस्था को बहाल करना आदि कार्य युद्ध स्तर पर किए जाएं। इस अवसर पर उन्होने कहा कि हमें अफवाहों से बचना है और इन्हें रोकना है। ये समय जमीनी स्तर पर काम करने का है और किसी भी तरह की अफवाह ऐसे समय में स्थिति को और विकट बना सकती है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार रात ग्वालियर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के उपरांत भोपाल लौटकर निवास पर देर रात वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव गृह राजेश राजौरा, डीजीपी होमगार्ड, प्रमुख सचिव राजस्व मनीष रस्तोगी, जनसंपर्क आयुक्त सुदाम खाडे आदि उपस्थित थे।

बाढ़ प्रभावितों की सहायता और रेस्क्यू के लिए सीएम शिवराज ने दिए ये निर्देश

•  बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
•  प्रभावित व्यक्तियों को भोजन व शुद्ध जल उपलब्ध कराएं।
•  यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप ना हो।
•  जिन व्यक्तियों के घर नष्ट हो गए हैं उन्हें आश्रय स्थल उपलब्ध कराएं, साथ ही घरों की मरम्मत में मदद की जाए।
•  विद्युत आपूर्ति पुनः स्थापित की जाए।
•  टूटे गए पुलों की मरम्मत की जाए तथा वैकल्पिक रास्ते तैयार किए जाएं।
•  संचार सुविधा पुनर्स्थापित की जाएं।
•  आवास,फसल और पशुओं की हानि का तुरंत सर्वे किया जाए।
•  बाढ़ राहत राशि प्राप्त करने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित करें।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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