बुधवार को कमलनाथ कैबिनेट की अहम बैठक, हो सकते है कई बड़े फैसले

farmers-will-be-the-adviser-in-MP-Agricultural-Advisory-Council

भोपाल।
एमपी में जारी सत्ता संग्राम के बीच पल पल बदलाव देखने को मिल रहा है। कब क्या हो जाए कहा नही जा सकता है।सुबह सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल को पत्र लिख फ्लोर टेस्ट से इंकार कर दिया तो वही सिंधिया समर्थकों ने पीसी कर सरकार पर गंभीर आरोपों की झ़ड़ी लगा दी। उधर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार और राज्यपाल समेत कईयों को नोटिस जारी किया और 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा है। इन सभी राजनैतिक घटनाक्रमों को बीच कंमलनाथ सरकार ने कल यानि 18 मार्च को शाम चार बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई है।

इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।बैठक में सुप्रीम की सुनवाई के बाद जो फैसला आएगा उस पर चर्चा हो सकती है।बागी विधायकों आगामी राज्यसभा चुनावों पर चर्चा की जा सकती है। सरकार की पूरी कोशिश है कि दो सीटों कांग्रेस को मिले।वही प्रदेश के हित में फैसले लिए जा सकते है। जिस तरह से पिछली कैबिनेट में कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते और कोरोना वायरस को लेकर बड़ा फैसला किया गया था।वही कई खाली पदों पर नियुक्तियां की गई थी। माना जा रहा है कि कैबिनेट में प्रदेश को लेकर और बड़े कई फैसले हो सकते है।

इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

कमलनाथ कैबिनेट की बैठक में मैहर, नागदा और चाचौड़ा को जिला बनाने का प्रस्ताव।

अतिथि विद्वानों को लेकर फैसला

युवाओं को लेकर कोई फैसला

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews