भोपाल की मंडियों में बिक रहा ज़हर! उमंग सिंघार का आरोप ‘सीवेज के पानी से उगाई जा रही हैं सब्जियाँ’, बोले- इंदौर के बाद भी सरकार नहीं चेती तो हो सकती है बड़ी त्रासदी

इंदौर की जल त्रासदी की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि मध्यप्रदेश में एक बार फिर दूषित पानी से जुड़े गंभीर आरोप सामने आ गए हैं। इस बार सवाल राजधानी में बिक रही सब्ज़ियों को लेकर उठे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि सीवेज और नालों के जहरीले पानी से उगाई गई सब्ज़ियाँ खुलेआम बाजारों में बिक रही हैं जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
Umang Singhar Opposition Leader

Umang Singhar

उमंग सिंघार ने राजधानी भोपाल की सब्जी मंडियों में पहुंचने वाली सब्जियों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 1500 एकड़ भूमि पर सीवेज और नालों के जहरीले पानी से सब्जियां उगाई जा रही हैं, जिससे बाजार में जहर भरी सब्जियां पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस पर आंखें मूंदे बैठी है, जबकि इससे कैंसर, हेपेटाइटिस सहित पानी से होने वाली अन्य कई बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।

कांग्रेस नेता ने सरकार को घेरते हुए कहा है कि इंदौर जैसी जल त्रासदी के बाद भी अगर जल संकट को गंभीरता से नहीं लिया गया तो कोई और बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने सवाल किया कि अगर इस तरह के दूषित पानी से उगाई जा रही सब्जियों से किसी की मौत होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

भोपाल में बिक रही हैं जहरीली सब्जियां- उमंग सिघार का आरोप

“राजधानी की मंडियों में पहुंच रही सब्जियां सीवेज और नालों के जहरीले पानी से उगाई गई हैं। 1500 एकड़ में जहर बोया जा रहा है और सरकार आंख मूंदे बैठी है।” ये आरोप लगाए हैं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि कैंसर, हेपेटाइटिस और अन्य जलजनित बीमारियां बढ़ रही हैं लेकिन इनपर न निगरानी है, न चेतावनी, न ही कार्रवाई की जा रही है।

प्रदेश सरकार से किए सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि इंदौर में हाल ही में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद भी यदि सरकार ने सबक नहीं लिया तो यह बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भोपाल में इस तरह की खेती और आपूर्ति पर समय रहते रोक नहीं लगी तो भविष्य में होने वाली मौतों की जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी।

स्वास्थ्य के लिए हो सकती हैं गंभीर रूप से खतरनाक 

बता दें कि भोपाल के आसपास के इलाकों में वर्षों से सीवेज वॉटर से सब्जी सिंचाई की समस्या बनी हुई है। वर्ष 2014–15 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए दूषित पानी से उगाई गई सब्ज़ियों की बिक्री पर रोक लगाने और इस तरह की फसलों को नष्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद समय-समय पर इस समस्या के बने रहने की रिपोर्ट सामने आती रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत में हुए कई अध्ययनों के अनुसार, इस तरह के अनुपचारित वेस्टवॉटर से सिंचित सब्ज़ियों में ई.कोलाई, साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया के साथ-साथ सीसा, कैडमियम और क्रोमियम जैसी भारी धातु जमा हो सकती हैं। ये तत्व लंबे समय में कैंसर, लीवर और किडनी रोग, हेपेटाइटिस और आंतों की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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