4 महीने पहले मृत शिक्षक का शासन ने कर दिया तबादला, अरुण यादव का तंज- MP अजब है, सबसे गज़ब है

मध्य प्रदेश में पिछले दिनों जारी हुए तबादला आदेशों में कई गड़बड़ियाँ सामने आई, जेल में बंद पटवारी और मृत शिक्षक के तबादले के अलावा खरगोन जिले में एक निलंबित कर्मचारी के ट्रांसफर की जानकारी सामने आई ये कर्मचारी शिक्षक हैं ।
Arun Yadav

मध्य प्रदेश में पिछले डेढ़ महीने दौड़ी तबादला एक्सप्रेस ने हजारों की संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों को एक जगह से दूसरी जगह पदस्थ किया इस दौरान कई आरोप प्रत्यारोप भी लगे, सियासी संरक्षण वाले अपनों को राहत देने या फिर मनचाही जगह भेजने के भी आरोप सामने आये लेकिन तबादला सूची में ऐसी गड़बड़ियाँ सामने आई जिसने आला अधिकारियों की कार्यशैली और गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए।

पिछले दिनों शासन ने जेल में बंद एक पटवारी का तबादला कर विपक्ष को सवाल उठाने का मौका दे दिया,  दरअसल श्योपुर जिला प्रशासन ने 16 जून को तबादला आदेश जारी कर 21 पटवारियों के तबादले किये इसमें विजयपुर तहसील के पटवारी हेमंत मित्तल का भी नाम था जिसे पुलिस ने धोखाधड़ी के एक केस में कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा है इसे प्रशासन ने विजयपुर से बड़ौदा तहसील ट्रांसफर कर भेजा है जबकि ये जेल में बंद है, कांग्रेस ने इसपर सरकार पर आरोप लगाये थे।

चार महीने पहले जिसकी मृत्यु हो गई उसका कर दिया तबादला  

अब और गजब मामला सामने आया है ये मृतक शिक्षक के ट्रांसफर का है, बता दें जनजातीय कार्य विभाग ने 17 जून को एक तबादला आदेश जारी किया जिसमें खरगोन के सहायक शिक्षक पूनम सिंह रावत का भी नाम था जबकि फरवरी 2025 में उनका निधन हो चुका है, 4 महीने पहले मरे शिक्षक का  स्थानांतरण भगवानपुरा विकासखंड से बबलगढ़ झिरन्या कर दिया गया। वे पहले भगवानपुरा विकासखंड के बन्हूर के शासकीय स्कूल में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ थे।

अरुण यादव का तंज – डबल स्पीड से चला ट्रांसफर उद्योग

शासन की इस लापरवाही पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने तंज कसा है, ट्रांसफर लिस्ट X पर शेयर करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण यादव ने लिखा, मप्र अजब है, सबसे गज़ब है। जेल में बंद पटवारी के बाद अब मृतक शिक्षक का ट्रांसफर कर दिया। खरगोन जिले में 4 माह पहले शिक्षक पूनम सिंह रावत की मृत्यु हो चुकी है फिर भी उनका तबादला भगवानपुरा से झिरन्या ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल में कर दिया। डबल स्पीड से चला ट्रांसफर उद्योग।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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