आदिवासी चेहरा हो सकता है कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष

आदिवासी चेहरा हो सकता है कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष

भोपाल।
मुख्यमंत्री कमलनाथ के शनिवार को ग्वालियर में पीसीसी को लेकर दिए गए बयान के बाद प्रदेश में जमकर सियासत गर्मा गई है। एक बार फिर दावेदारों के बीच पीसीसी चीफ बनने की होड़ सी लग गई है। सूत्रों की मानें तो यह बात लगभग तय हो चुकी है कि मध्य प्रदेश के आदिवासी वर्ग को लुभाने के लिए प्रदेश कांग्रेस आदिवासी प्रदेशाध्यक्ष को प्रोजेक्ट कर सकती है। इस दौड़ में प्रमुख रूप से कांतिलाल भूरिया का नाम सबसे आगे है। उसके साथ-साथ बिसाहू लाल सिंह भी अपनी दावेदारी ठोक चुके हैं।वही हालिया घटनाक्रम को देखते हुए सिंधिया को राज्यसभा भेजे जाने की अटकलें तेज है। सुत्रों की माने तो कांग्रेस उन्हें राज्यसभा भेज प्रदेश में उनका दखल कम करना चाहती है।माना जा रहा है कि अगर नाथ के करीबी को पीसीसी अध्यक्ष बन जाता है, तो चार साल में उसके लिए कोई समस्या नहीं होगी।

दरअसल, मध्य प्रदेश कांग्रेस को जल्द नया प्रदेश अध्यक्ष मिलेगा ।ग्वालियर में यह मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बात कही। शनिवार को दिल्ली स्थित कमलनाथ के निवास पर कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक हुई थी। जिसमें मुख्य रूप से कमलनाथ के साथ दिग्विजय सिंह ,अरुण यादव,जीतू पटवारी, मीनाक्षी नटराजन उपस्थित थे। दीपक बाबरिया की अध्यक्षता हुई समन्वय समिति की बैठक में कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष के बारे में विचार विमर्श हुआ।

ज्योतिरादित्य सिंधिया थोड़ी देर बाद ही इस बैठक में अपनी नाराजगी जता के बाहर निकल गए। लेकिन सूत्रों की मानें तो यह बात लगभग तय हो चुकी है कि मध्य प्रदेश के आदिवासी वर्ग को लुभाने के लिए प्रदेश कांग्रेस आदिवासी प्रदेशाध्यक्ष को प्रोजेक्ट कर सकती है। इस दौड़ में प्रमुख रूप से कांतिलाल भूरिया का नाम सबसे आगे है। उसके साथ-साथ बिसाहू लाल सिंह भी अपनी दावेदारी ठोक चुके हैं।हालांकि झारखंड में कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए वन मंत्री उमंग सिंगार भी इस पद के प्रबल दावेदार हैं। लेकिन उनकी दावेदारी में सबसे बड़ा रोड़ा उनके कुछ दिन पहले दिग्विजय सिंह के खिलाफ दिए गए बयान बन सकते हैं। उमंग राहुल की टीम से भी आते हैं।

सूत्रों की मानें तो ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम पर आम सहमति नहीं बन सकी है और उनके हाल ही के बयानों को पार्टी ने बेहद गंभीरता से लिया है। अब नया प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा इस पर मुहर तो सोनिया गांधी ही लगाएंगी लेकिन उम्मीद इस बात की है कि फरवरी के अंत तक कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष। ऐलान हो जाएगा।

साहू पहले भी ठोक चुके है दावेदारी

साहू पहले भी पीसीसी चीफ के लिए दावेदारी ठोक चुके है।इससे पहले साहू ने दावा किया था कि 31 आदिवासी विधायकों ने राहुल गांधी को पत्र लिखा है और कहा है कि बिसाहू लाल सिंह दस सालों तक मंत्री रहे और पांच बार विधायक भी रहे है, वो एक आदिवासी नेता है , इसलिए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए ।बिसाहू लाल सिंह का कहना था कि मुझे मंत्री नहीं बनाया तो अब प्रदेश अध्यक्ष ही बना दें।

चर्चा में इनके नाम

इसके अलावा बाला बच्चन , सज्जन सिंह वर्मा, विधायक कांतिलाल भूरिया, बिसाहूलाल सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व मंत्री रामनिवास रावत, वन मंत्री उमंग सिंघार के नाम भी चर्चा में है।

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