उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलेंगे सिर्फ 4 सब्सिडी वाले सिलेंडर: उमंग सिंघार का हमला, बोले “मोदी सरकार का गरीब विरोधी चेहरा बेनकाब”

योजना के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या घटाकर चार किए जाने के फैसले पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता ने इस निर्णय को गरीब और महिला विरोधी बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच सब्सिडी में कटौती से गरीब परिवारों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ेंगी।
Umang Singhar

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या सालाना 9 से घटाकर 4 किए जाने के फैसले पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की गरीब विरोधी नीतियों का एक और चेहरा फिर उजागर हो गया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ा, फिर गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़े और अब सब्सिडी पर भी कटौती कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गरीब महिलाओं के सम्मान और गरीब परिवारों की रसोई पर सीधा हमला है।

सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या घटी

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या को घटाकर साल में 4 कर दिया है। इससे पहले योजना के लाभार्थियों को सालाना 9 सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलती थी। योजना की शुरुआत 2016 में हुई थी, तब लाभार्थियों को 12 सब्सिडी वाले सिलेंडरों का लाभ मिलता था। बाद में यह संख्या 9 की गई और अब इसे घटाकर 4 कर दिया गया है। सरकार के अनुसार, उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती रहेगी लेकिन अब यह सब्सिडी वर्ष के पहले चार रिफिल पर ही उपलब्ध होगी। इस तरह एक परिवार को सालभर में अधिकतम 1200 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।

उमंग सिंघार ने मोदी सरकार को घेरा

इस फैसले को लेकर विपक्षी दलों का आरोप है कि महंगाई के इस दौर में सब्सिडी में कटौती से गरीब परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा है कि मोदी सरकार की गरीब विरोधी नीतियों का एक और चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने कहा “अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में सब्सिडी वाले सिर्फ चार सिलेंडर ही मिलेंगे। पहले महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ा, फिर गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए और अब सब्सिडी पर भी कैंची चला दी गई। यह गरीब महिलाओं के सम्मान और गरीब परिवारों की रसोई पर सीधा हमला है।” नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि एक तरफ सरकार विज्ञापनों में गरीबों की चिंता करने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ योजनाओं के लाभ लगातार कम किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही भाजपा सरकार का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मॉडल है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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