
Umang Singhar
मध्यप्रदेश में वन रक्षक भर्ती को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली गंभीर सवालों के घेरे में है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस भर्ती में आरक्षण के नियमों की अनदेखी पर नाराजगी जताई है और इसे सामाजिक न्याय और संविधान की भावना के साथ सीधा अन्याय बताया है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने वन रक्षक भर्ती भर्ती के विज्ञापन को अपने X एकाउंट पर शेयर करते हुए मध्यप्रदेश सरकार पर निशाना साधा है उन्होंने लिखा- 728 पदों की भर्ती में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए एक भी पद आरक्षित नहीं, ये आश्चर्य की बात है।
कांग्रेस नेता ने लिखा- 728 पदों में अनारक्षित वर्ग के लिए 310, ST 143, OBC 198, और EWS के लिए 77 पद आरक्षित दिखाए हैं , यह न केवल चौंकाने वाला आँकड़ा है, बल्कि सामाजिक न्याय और संविधान की भावना के साथ सीधा अन्याय है।
विज्ञापन में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं करने के आरोप
सिंघार ने लिखा- यह कैसे संभव है कि सैकड़ों पदों की भर्ती निकले और उसमें दलित समाज के युवाओं के लिए एक भी अवसर न रखा जाए? यदि ESB के विज्ञापन में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं हुआ है, तो यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि वंचित समाज के अधिकारों की अनदेखी है।
परीक्षा से पहले स्थिति स्पष्ट करने की मांग
उमंग सिंघार ने लिखा- अनुसूचित जाति के युवाओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री इस विषय को तत्काल संज्ञान में लें और सुनिश्चित करें कि संविधान सम्मत आरक्षण व्य वस्था का पूर्ण पालन हो, ताकि दलित समाज के युवाओं के अधिकारों और उनके भविष्य के साथ अन्याय न हो। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 7 अप्रैल को प्रस्तावित परीक्षा से पहले सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ।
मध्यप्रदेश में वन रक्षक भर्ती को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली गंभीर सवालों के घेरे में है।
728 पदों की भर्ती में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए एक भी पद आरक्षित नहीं 728 पदों में अनारक्षित वर्ग के लिए 310,ST 143,OBC 198,EWS 77 पद आरक्षित , यह न केवल चौंकाने वाला आँकड़ा है, बल्कि… pic.twitter.com/klWntPjSiI
— Umang Singhar (@UmangSinghar) March 6, 2026
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

