मप्र के 8 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट, सोमवार के बाद ठंड से राहत की उम्मीद

मप्र के 8 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट, सोमवार के बाद ठंड से राहत की उम्मीद

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में उत्तर पूर्वी हवाओं के असर से तापमान (Temperature) में गिरावट दर्ज की जा रही है| आगामी 24 घंटे के दौरान भोपाल (Bhopal) और जबलपुर (Jabalpur) समेत 8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार से मौसम में बदलाव नजर आ सकता है| मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वातावरण में नमी कम होने के आसार हैं। इससे बादल छंटने लगेंगे। धूप निकलने के कारण सोमवार से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होने लगेगी।

प्रदेश में अगले 24 घंटे कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना है| प्रदेश के सभी संभागों में मौसम शुष्क रहेगा। जबलपुर, सिवनी, सागर, रायसेन, भोपाल, बैतूल, खंडवा और धार जिलों में कहीं-कही शीत लहर का प्रकोप रहेगा। भोपाल में रात का तापमान 8 डिग्री के आसपास ही बना रहेगा।

पिछले 24 घंटे में बैतूल, इंदौर और उज्जैन जिलों में शीतल दिन रहे, जबकि खंडवा में शीतलहर का प्रभाव रहा। इंदौर, चंबल और ग्वालियर संभाग में खास अंतर नहीं रहा, लेकिन शेष सभी संभागों में तापमान नीचे गिरा है। सबसे कम तापमान रायसेन जिले में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानियों के मुताबिक रविवार से नमी में कमी आने के कारण बादलों के छंटने का सिलसिला शुरू होने लगेगा। साथ ही धूप में भी तल्खी बढ़ने लगेगी। सोमवार के बाद ठण्ड से राहत मिलेगी और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जायेगी|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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