
OBC Reservation
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में येलो मोजेक रोग के कारण सोयाबीन की फसल को हो रहे नुकसान पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस रोग के कारण सोयाबीन की फसल बड़े पैमाने पर सूख रही है और फलियां काली पड़ रही हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने सरकार से तत्काल नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवज़ा देने की मांग की है।
प्रदेश में सोयाबीन की फसल पर पीला मोजेक रोग का प्रकोप बढ़ता जा रहा है जिससे किसानों की चिंता गहरा गई है। यह वायरस सफेद मक्खी के माध्यम से फैलता है और पौधों की पत्तियों को पीला करके उनकी वृद्धि को रोकता है, जिससे फसल खराब होती है और में भारी कमी आती है।
सोयाबीन की फसल पर गहराता संकट
एमपी में खरीफ सीजन की प्रमुख फसल सोयाबीन को येलो मोजेक रोग के के कारण गंभीर नुकसान पहुंचा है। प्रदेश के कई जिलों, विशेष रूप से शाजापुर, खंडवा, मंदसौर, रतलाम, शहडोल और खरगोन में सोयाबीन की फसल पर यलो मोजेक रोग का व्यापक असर देखा जा रहा है। मालवा में बड़े पैमाने पर सोयाबीन की खेती होती है लेकिन इस बीमारी ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया। बीमारी के बढ़ते प्रकोप के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और किसानों को आश्वासन दिया कि उन्हें किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को फसल नुकसान का सर्वेक्षण कराने और मुआवजा प्रदान करने के निर्देश भी दिए।
कमलनाथ ने सरकार से की मांग
अब कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले में सरकार जल्द से जल्द सर्वे कराए और किसानों को मुआवजा दिया जाए। कमलनाथ ने कहा है कि ‘प्रदेश में यलो मोजेक रोग के कारण सोयाबीन की फ़सल बड़े पैमाने पर खराब हो रही है। सोयाबीन की फ़सल सूख रही है और फलियां काली पड़ गई हैं। हर मामले की तरह इस मामले में भी सरकार के कान बहुत देर से खड़े हुए और विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह बीमारी उस स्तर पर पहुँच गई है, जहाँ फ़सल का संरक्षण करना अत्यंत कठिन है। प्रदेश में सोयाबीन का रक़बा 51.9 लाख हेक्टेयर है। उज्जैन देवास मंदसौर नीमच खंडवा हरदा रतलाम रायसेन आदि ज़िले सबसे अधिक सोयाबीन उत्पादन करने वाले ज़िलों में शामिल हैं। मैं सरकार से मांग करता हूँ कि देर किए बिना किसानों को हुए संभावित नुक़सान का आकलन कराया जाए और अभी से मुआवज़ा देने की तैयारी कर ली जाए।’
प्रदेश में यलो मोजेक रोग के कारण सोयाबीन की फ़सल बड़े पैमाने पर ख़राब हो रही है। सोयाबीन की फ़सल सूख रही है और फलियाँ काली पड़ गई हैं।
हर मामले की तरह इस मामले में भी सरकार के कान बहुत देर से खड़े हुए और विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह बीमारी उस स्तर पर पहुँच गई है, जहाँ फ़सल का… pic.twitter.com/LmCBMpdRlM
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) September 13, 2025
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

