राजधानी में फरार ड्रग माफिया हुकुमचंद पर बड़ी कार्रवाई, ध्वस्त किया चार मंजिला अवैध मकान

राजधानी में फरार ड्रग माफिया हुकुमचंद पर बड़ी कार्रवाई, ध्वस्त किया चार मंजिला अवैध मकान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के निर्देश के बाद नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है| रविवार को इतवारा (Itwara) में रहने वाले कुख्‍यात मादक पदार्थ तस्कर हुकुमचंद कुचबंदिया के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। नशे के कारोबारी हुकुमचंद का इतवारा इलाके में चार मंजिल मकान अवैध रूप से बनाया गया था| जिसे प्रशासन ने जमींदोज कर दिया|

रविवार सुबह पुलिस और जिला प्रशासन ने इनामी बदमाश ड्रग्स माफिया हुकुमचंद कुचबंदिया के अवैध चार मंजिला मकान को ध्वस्त कर दिया| कार्रवाई के समय भारी पुलिस बल तैनात किया गया था| वर्तमान में हुकुमचंद कुचबंदिया फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने आठ हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया हुआ है|

पुलिस ने नगर निगम की टीम के साथ मिलकर 450 स्क्वायर फीट के 4 मंजिला मकान पर कार्रवाई करते हुए इसे धराशायी कर दिया| इसकी कीमत 1 करोड़ के आसपास आंकी गई है| यहां सुबह से ही पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। इस इलाके में पुलिस को पहले भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा है, जिसके चलते कार्रवाई के लिए पुलिस पूरे इंतजाम के साथ पहुंची| पुलिस तैनात होने के बाद प्रशासन, नगर निगम का अमला जेसीबी और अन्य मशीनरी के साथ पहुंचा और सईदिया स्कूल के पास स्थित फरार अपराधी हुकुमचंद कुचबंदिया के मकान नंबर 39 पर कार्रवाई की|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews