सीएम के निर्देश, उद्योग के लिए 30 दिन में मिले सभी अनुमतियां, सही मायनों में होना चाहिए ईज ऑफ डूईंग बिजनेस

सीएम के निर्देश, उद्योग के लिए 30 दिन में मिले सभी अनुमतियां, सही मायनों में होना चाहिए ईज ऑफ डूईंग बिजनेस

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में निवेशकों को आकर्षित करने सरकार उद्योग प्रारम्भ करने सम्बंधित अनुमतियों को लेने में आ रही दिक्कतों को आसान बनाने जा रही है| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने ‘ईज ऑफ डूईंग बिजनेस’ (Is Of Doing Business) के संबंध में संबंधित विभागों की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मध्यप्रदेश में सही मायनों में ‘ईज ऑफ डूईंग बिजनेस’ होना चाहिए तथा 30 दिन में उद्योग प्रारंभ करने के लिए सभी आवश्यक कार्यवाहियां एवं अनुमतियां निवेशक को प्राप्त हो जानी चाहिए। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में निवेश स्थापना में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। सभी संबंधित विभाग इस संबंध में तत्परता के साथ कार्यवाही करें।

‘सिंगल विण्डो’ एवं ‘सिंगल टेबल’ की तरह न हो काम
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्पष्ट रूप से कहा कि पूर्व में उद्योगों को विभिन्न अनुमतियां दिए जाने के लिए बनाए गए ‘सिंगल विण्डो’ तथा ‘सिंगल टेबल’ सिस्टम की तरह काम नहीं होना चाहिए। इनके अंतर्गत निवेशकों को शासकीय अनुमतियां मिलने में काफी समय लग जाता था। निर्धारित समयावधि 30 दिन में ही निवेशकों को सारी अनुमतियां मिल जानी चाहिए।

फीडबैक का सिस्टम बनाएं
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि उद्योगों को नियत अवधि में अनुमतियां मिल रहीं हैं अथवा नहीं, इसकी जानकारी के लिए फीडबैक सिस्टम बनाया जाए, जिससे कार्य सुनिश्चित किया जा सके।

लोक सेवा गांरटी अधिनियम से जुड़ेंगी ये सेवाएं
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उद्योगों को 30 दिन की अधिकतम समय सीमा में अनुमतियां दिए जाने के लिए विभिन्न सेवाओं की पृथक्-पृथक् समयावधि निर्धारित की जाए। साथ ही इसे लोक सेवा गारंटी अधिनियम के साथ जोड़ा जाए, जिससे समयावधि में कार्य न होने पर जिम्मेवार व्यक्ति के विरूद्ध अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही हो सके।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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