Coronavirus IN Indore: 11 दिन में 41 ने दम तोड़ा, 473 नए पॉजिटिव सामने आए

Coronavirus IN Indore: 11 दिन में 41 ने दम तोड़ा, 473 नए पॉजिटिव सामने आए

इंदौर। आकाश धोलपुरे।

इंदौर में बीते 10 दिनों कोरोना ने तेजी से रफ्तार पकड़ी है और इसी का परिणाम है कि जब बीते 11 दिनो में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट पर गौर किया जाए तो सामने एक डरावना आंकड़ा आता है जो इंदौरवासियो को ये समझाने के लिए काफी है कि खतरा अभी टला नही है बल्कि अब और भी ज्यादा सजगता की आवश्यकता है। दरअसल, 11 दिनो के भीतर कोरोना से मरने वालों की संख्या 41 सामने आई है वही दूसरी ओर 473 नए संक्रमित सामने आए है। याने ये साफ है कि कोरोना के पहले फेज याने लॉक डॉउन 1.0 में जो स्थिति थी उससे भी खराब स्थिति बीते 11 दिनों में सामने आई है। अकेले इंदौर में ताजा सरकारी आंकड़ो के अनुसार कल रात तक कुल 226 पॉजिटिव मरीजो की मौत हो चुकी है याने बीते 24 घण्टे में 4 लोगो की मौत हो चुकी वही 49 नए पॉजिटिव मरीजो के साथ संक्रमितों की कुल संख्या 4664 हो चुकी है। वही अब तक कोरोना के 1003 मरीज उपचाररत है। इधर, अब तक कुल 3435 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके है।

इंदौर में कोरोना रिकवरी रेट पॉजिटिव आंकड़े की तुलना में 73.63 प्रतिशत है वही मौत के मामले डेथ रेट 4.84 याने 5 फीसदी तक जा पहुंची है। हमने खबर में 17 जून और कल याने 28 जून की रिपोर्ट दी है जिससे आप अंदाजा लगा सकते है स्थितियां किस तरफ इशारा कर रही है।ऐसे में प्रशासन की छूट का गैरजरूरी फायदा उठाने के बजाय आप मास्क, सनेटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रख बेहद जरुरी होने पर ही किसी काम से बाहर निकले। अनलॉक इंदौर के लिए ये बेहद जरूरी है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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