FB पर विदेशी महिला बनकर की दोस्ती, रोमांटिक बातें कर फंसाया, फिर गिफ्ट भेजने के नाम पर 11 लाख की ठगी

FB पर विदेशी महिला बनकर की दोस्ती, रोमांटिक बातें कर फंसाया, फिर गिफ्ट भेजने के नाम पर 11 लाख की ठगी

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| फेसबुक पर विदेशी महिला के नाम से दोस्ती कर, गिफ्ट भेजने के नाम पर करोडो रूपये की ठगी करने वाले विदेशी नागरिक के गिरोह को सायबर क्राइम भोपाल (Cyber Crime Bhopal) ने दिल्ली (Delhi) से गिरफ्तार किया है| आरोपी दिल्ली में बैठकर देशभर में ठगी (Fraud) कर रहे थे। भोपाल (Bhopal) में एक युवक से इसी तरह 11 लाख रुपए से अधिक ठग चुके थे।

साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार भोपाल के रहने वाले पवन नाम के युवक ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत की थी| शिकायत में युवक ने बताया कि सोशल मीडिया पर आरोपी ने विदेशी महिला बनकर दोस्ती की और रोमांटिक बातें शुरू कर दी| कुछ दिन बाद उसने कहा कि वह क्रिसमस पर गिफ्ट भेज रही है। उसके बाद फोन आया कि गिफ्ट करोड़ों का है, इसलिए एयरपोर्ट पर कस्टम में फंस गया। फिर आरोपी कस्टमर अधिकारी बनकर युवक को झांसे में लेना लगा| आरोपी ने फोन कर उससे 8 बैंक खातों में 11 लाख 22 हजार रुपए 844 रुपए जमा करवाए।

युवक को जब पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई तो उसने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने आरोपित सोलोमोन वाजीरी निवासी दिल्ली (नाइजीरिया से विजनेस वीजा पर भारत आया है) उसके साथी ईशांत माहे निवासी विकासपुरी दिल्ली और जितेंदर सिंह निवासी उदय विहार दिल्ली की तलाश कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से लेपटॉप, मोबाइल, सिम व अन्य दस्तावेज जप्त किए गए हैं। इस प्रकार इनके द्वारा लगभग 20-25 फर्जी बैंक खाते खुलवाकर नाइजीरियन को बेचे गए हैं। इन बैंक खातों में धोखाधड़ी के करीब एक करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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