कांग्रेस के बागी विधायकों पर सरकार का पलटवार, जारी किए ये वीडियो

कांग्रेस के बागी विधायकों पर सरकार का पलटवार, जारी किए ये वीडियो

भोपाल।

बैंगलुरु में कांग्रेस के बागी विधायकों की पीसी ने नई बहस छेड़ दी है।विधायकों ने आरोप लगाए है कि सरकार ने कुछ काम नही किए । डेढ साल में वादों को पूरा नही किया गया। इस पर कमलनाथ हमलावर हो चली है और जमकर पलटवार कर रही है।कांग्रेस सरकार द्वारा पुरानी वीडियो क्लिप जारी की गई है जिसमें कभी मंत्री रहे कांग्रेस के बागी विधायक सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए नजर आ रहे है।

इसका खुलासा खुद कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री पीसी शर्मा ने किया है।शर्मा का कहना है कि जब वो दबाब में नही थे तब क्या कहते थे। अब दबाब में क्या कहते है। वो हम आज फ़िल्म के माध्यम से दिखाएंगे। गोविंद सिंह राजपूत के क्षेत्र में 3 हजार करोड़ के कार्य के भूमिपूजन किये थे।सीएम ने 55 लाख किसानों के ऋण माफी किये है। सरकार की उपलब्धियों की बात रहे है ।आदिवासियों के लिए कितना सीएम कमलनाथ ने कितना कुछ किया। ऐसा लगता है कि पिछले जन्म में कमलनाथ जी आदिवासी थे ।

वही शर्मा ने पीसी को लेकर कहा कि बंदूक की नोंक पर उनसे मनचाही बात बुलवाई जा रही है। पत्रकार वार्ता करनी है तो भोपाल आकर करें।विधायकों को जबरजस्ती मीडिया के सामने यह बुलवाया गया था की वह सभी विधायक बीजेपी के साथ है। अगर विधायकों की मीडिया से बात करनी है तो नहीं बल्कि एमपी में आकर करवाए ।

पीसी शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा है कि चोर कह रहा है कि हम पर हमला हो जाएगा। बीजेपी राज्यपाल के ऊपर फ्लोर टेस्ट कराने का दबाव बना रही है। शर्मा ने कहा कि हम बहुमत में है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews