Indore Coronavirus: जून के आखिरी दिन रिकवरी रेट बढ़ा, 25 पॉजिटिव, 3 की मौत

Indore Coronavirus: जून के आखिरी दिन रिकवरी रेट बढ़ा, 25 पॉजिटिव, 3 की मौत

इंदौर। आकाश धोलपुरे।

प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में जून का महीना जाते जाते 25 नए पॉजिटिव मरीज दे गया और जून माह के आखिरी दिन 3 लोगो की मौत भी हो गई। जिसके बाद इंदौर में अब तक कोरोना से संक्रमित लोगो का आंकड़ा 4734 तक जा पहुंचा है वही मंगलवार को कोरोना से हुई 3 मौतों के बाद अब तक मरने वालों की संख्या 232 तक जा पहुंची है। बता दे कि इंदौर में जून तक कुल 86235 सैम्पल लिए गए है। कल इंदौर में 1217 सैम्पल लिए गए थे वही मंगलवार को 1531 सैंपल टेस्ट किये गए थे जिनमें से 1497 सैम्पल निगेटिव पाए गए वही दुसरी और 9 रिपीट सैंपल के साथ कल 25 नए पॉजिटिव मरीज भी सामने आए है।
इधर, जून माह के आखिरी दिन कोरोना को हराने वालो का शतक लगा और 100 मरीजो के स्वस्थ होकर घर लौटने के बाद अब तक इंदौर में कुल 3552 मरीजो ने कोरोना को मात दे दी है। वही वर्तमान में इंदौर में 950 कोरोना पीड़ित मरीजों का इलाज जारी है। यदि पॉजिटिव मरीजो की संख्या से मृतकों की तुलना की जाए तो अब तक इंदौर में डेथ रेट 5 फीसदी के करीब पहुंच गया है याने अब तक 4.90 प्रतिशत मरीजो की मौत कोरोना के चलते हुई है। रीकवरी रेट की बात की जाए तो वह 75 फीसदी तक जा पहुंचा है। याने इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि करीब एक तिहाई कोविड पेशेंट कोरोना को मात दे चुके है। ये आंकड़े देर रात जारी किए गए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी किए गए बुलेटिन के आधार पर सामने आए है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews