लंबे समय बाद हबीबगंज पहुंची जबलपुर- हबीबगंज जनशताब्दी

लंबे समय बाद हबीबगंज पहुंची जबलपुर- हबीबगंज जनशताब्दी

भोपाल।

2 महीने से ज्यादा समय से ट्रेनों के पहिए थमे हुए थे। लेकिन सोमवार को एक बार फिर 200 ट्रेने(train) पटरियों पर लौट आई है। भारतीय रेलवे(indian railway) ने शुरूआती स्टेज(stage) में 200 स्पेशल ट्रेने(special train) चलाई हैं। इसके बाद जुलाई(july) से ट्रेनों की आवाजाही को बढाया जाएगा। इन स्पेशल 200 ट्रेनों में से 48 ट्रेनें ऐसी हैं जो भोपाल मंडल से होकर गुजरेंगी। इसमें से 26 ट्रेनों के स्टोपेज भोपाल(bhopal) में हैं। इसी के ही साथ भोपाल से बनकर चलने वाली जबलपुर(jabalpur)-हबीबगंज(habibganj) जनशताब्दी एक्सप्रेस और हबीबगंज-निजामुद्दीन(nizammudin) भोपाल एक्सप्रेस(bhopal express) भी आज से शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में आज पहली जनशताब्दी जबलपुर से चलकर सुबह 11 बजे हबीबगंज स्टेशन पहुंची। जहां लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग(thermal screening) की गई और उनकी पूरी डिटेल(detail) ली गई।

खुशी और अहतियात के साथ लोगों ने किया सफर

जबलपुर से हबीबगंज तक का सफर इस बार लोगों के लिए बड़ा अलग रहा। क्योंकि इस सफर में बहुत सारे नियम कानून लोंगों पर लागू हुए। जब लोग ट्रेनों से उतरे तो सभी लोगों ने मास्क लगा रखा था। खुद को सुरक्षित रखने के लिए कुछ लोगों ने गल्बस भी पहन रखे थे। लेकिन लोग कहीं ना कहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना थोडा भूल गए। देखा गया कि जैसी ही लोग स्टेशन पर उतरे तो सभी अपने अपने घरों की तरफ जाने के लिए जल्दबाजी करने लग गए। जिसमें जाने अनजाने में बहुत से लोग एक दूसरे के संपर्क में भी आए।

ट्रेन में सफर करते समय यह नियम रखने होंगे याद

*टिकट काउंटर पर सारे रिजर्वेशन टिकट काउंटर नहीं खुलेंगे। ट्रेन के अंदर जाकर कोई भी वेंडर खाने का समान नहीं बेच सकेगा।
*स्टेशन पर केवल पैकेट आइटम मिलेगा। फूड स्टॉस संचालक खुला खाना नहीं बेच सकेंगे।
*ज्यादा सामान लेकर ट्रेनों में सफर ना करें। क्योंकि स्टेशनों पर कुली नहीं मिलेंगे या कम मिलेंगे। इसलिए यात्रियों को खुद सामान लेकर चलना होगा।
*एसी कोच में बैडरोल नही मिलेगा। यात्रि चादर साथ लेकर चले।
*ट्रेन के सफर के दौरान मास्क लगाना अनिवार्य है। कन्फर्म टिकट होने पर ही यात्री रेल में चढ सकेंगे।
*रेलवे या आईआरसीटीसी एजेंट अपनी आईडी से टिकट बुक नहीं कर सकेंगे।
*स्टेशन पर ट्रेन टाइम से ढेड घंटे पहले पहुंचना होगा।
*बुखार, सर्दी-खांसी होने प कंफर्म टिकट होने के बाद भी नहीं कर सकेंगे सफर।

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निदेशक और संपादक

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