MP उपचुनाव 2020: कांग्रेस नेता अरुण यादव का सिंधिया परिवार पर बड़ा हमला

arun-yadav-scindia

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में सरकार और दिग्गज नेताओं का भविष्य तय करने वाले 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव (By-election) में तीखे प्रहारों का दौर शुरू हो गया है| कांग्रेस चुनावी कम्पैन में ‘गद्दार’ शब्द को जमकर भुना रही है और ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) समेत पार्टी छोड़ने वाले पूर्व विधायकों को जमकर टारगेट किया जा रहा है| इसी क्रम में अब कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता अरुण यादव (Arun Yadav) ने सिंधिया परिवार को बड़ा हमला बोला है|

अरुण यादव ने बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि जो देश के नहीं हुए वो कांग्रेस पार्टी और जनता के क्या होने वाले हैं| कांग्रेस नेता अरुण यादव ने एक सभा को सम्बोधित करते हुए वीडियो शेयर कर किया है| कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर लिखा- ‘जब हमारे पूर्वज देश का तिरंगा झंडा लेकर देश के आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे थे तब सिंधिया परिवार के लोग अंग्रेज़ो के जूते चप्पल उठाकर देश के साथ गद्दारी का काम कर रहे थे ।जो देश के नही हुए वो कांग्रेस पार्टी और जनता के क्या होने वाले है’| अरुण यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में होने जा रहे हैं यह उपचुनाव टिकाऊ और बिकाऊ के बीच है|

प्रदेश की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए 3 नवंबर को वोटिंग होनी है| चुनाव के परिणाम 10 नवंबर को आएंगे| ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़ने वाले विधायकों के इस्तीफी और तीन सीटों पर विधायकों के निधन के कारण यह उपचुनाव हो रहे हैं|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews