कोरोना संकटकाल के बीच अतिथि शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर

mp teacher

भोपाल।
कोरोना संकट के बीच मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है।अतिथि शिक्षकों को लॉकडाउन अवधि में 30 अप्रैल तक पूरा वेतन दिया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं।सरकार के इस फैसले के बाद अतिथि शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

दरअसल, देश में कोरोना संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने मार्च में पूरे देश में लॉक डाउन का ऐलान किया था।इस दौरान सरकार ने स्कूल, कॉलेज सहित सभी शैक्षणिक संस्थाओं को भी बंद रखने का निर्देश दिया था। हालांकि राज्य शासन के आदेश के तहत सत्र 2019-20 में अतिथि शिक्षकों को स्कूलों में रखा गया था। मार्च माह में स्थानीय परीक्षा, मूल्यांकन, परीक्षा फल तैयार कर परीक्षा परिणाम की घोषणा जैसे कार्यों को लेकर अतिथि शिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल तक बढ़ा दी गईं थी, स्कूल बंद होने के बाद अतिथि शिक्षकों के सामने वेतन का संकट खड़ा हो गया था।लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें इस संकटकाल के बीच राहत दी है और वेतन देने का फैसला किया है।

लोक शिक्षण आयुक्त जयश्री क्यावत ने आदेश जारी किया है कि चूंकि नया सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो गया था इसलिए अतिथि शिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल तक लिए जाने के आदेश जारी कर दिए गए थे। अब उनके वेतन भुगतान के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews