40 गाड़ियों के काफिले के साथ सीएम हाउस पहुंचे सिंधिया, मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक

40 गाड़ियों के काफिले के साथ सीएम हाउस पहुंचे सिंधिया, मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मंत्रिमंडल विस्तार, प्रदेश कार्यकारिणी और निगम मंडल में नियुक्तियों को लेकर चल रही सुगबुगाहट के बीच राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) एक बार फिर भोपाल (Bhopal) पहुंचे| सिंधिया सुबह 11 बजे भोपाल पहुंच थे। वे एयरपोर्ट से करीब 40 गाड़ियों के काफिले के साथ CM हाउस (CM House) पहुंचे। सियासी गलियारों में इसे सिंधिया का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है|

यह 12 दिन में दूसरा मौक़ा है जब , जब सिंधिया सीएम हाउस पहुंचे| सीएम हाउस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh CHauhan) की राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री सुहास भगत और सह संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के साथ लम्बी बैठक चली| सूत्रों के मुताबिक, सीएम, सिंधिया और अन्य नेताओं के बीच निगम मण्डल और संगठन में एडजस्टमेंट को लेकर चर्चा हुई है| उपचुनाव में हारे हुए नेताओं को निगम, मंडल, प्राधिकरण में समायोजित करने के साथ ही संगठन में जगह देने को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है|

सिंधिया के साथ मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, ओपीएस भदौरिया, पूर्व मंत्री तुलसी सिलावट, गोविन्द सिंह राजपूत, इमरती देवी, सरताज सिंह, एदल सिंह कंसाना समेत अन्य नेता भी आज सीएम निवास पहुंचे थे| सिंधिया और शिवराज दोनों नेताओं को दोपहर 2 बजे शाजापुर जाना था, लेकिन बताया जा रहा है कि खराब मौसम के कारण यह दाैरा रद कर द‍िया गया। इसके बाद दोनों नेताओं ने वीसी के जर‍िए इस कार्यक्रम को संबोधि‍त क‍िया। मीड‍िया से बातचीत में स‍िंंधि‍या ने बंगाल में भाजपा नेताओं पर हमले की न‍िंंदा करते हुए कहां क‍ि वहां गुंडाराज है। उन्‍होंंने कहा क‍ि मंत्रिमंडल में किसे लेना अथवा न लेना सीएम शि‍वराज का अधिकार क्षेत्र है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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