किसने की विधायक संजय पाठक के अपहरण की कोशिश

किसने की विधायक संजय पाठक के अपहरण की कोशिश

वंदना तिवारी//कटनी. पूर्व मंत्री (former minister) और बीजेपी (bjp) के विधायक (mla) संजय पाठक (sanjay pathak) ने शनिवार (saturday) की दोपहर बीजेपी ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सनसनीखेज खुलासा किया। संजय पाठक ने बताया कि वे गुरुवार को जब भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर उतरे, वहां मौजूद एक अधिकारी ने उनसे कहा कि शायद उन्हें खतरा हो सकता है। जब वे (संजय पाठक) बाहर निकले तो वहां काफी बड़ी संख्या में वर्दी और बिना वर्दी के पुलिसकर्मी मौजूद थे। पाठक के अनुसार जब वे अपनी गाड़ी में सवार हुए तब तेजी के साथ पुलिस वाले भी अलग अलग गाड़ियों में सवार हो गए।

थोड़ी दूर जाने पर उनके ड्राइवर ने बताया कि उनकी गाड़ी का पीछा हो रहा है। तभी एक फॉर्च्यूनर गाड़ी ने उन्हें ओवरटेक कर गाड़ी रोकने की कोशिश की लेकिन पाठक का ड्राइवर तेजी के साथ गाड़ी निकाल कर ले गया चार से पांच गाड़ियों काफिला उनका तेजी के साथ पीछा कर रहा था ।यह देखकर पाठक ने अपने ड्राइवर से विदिशा रोड की ओर गाड़ी का मूवमेंट करने को कहा और तेजी के साथ बीजेपी के स्थानीय नेताओं को फोन लगाने चालू किए ।जब एक नेता ने उन्हें यह आश्वस्त किया कि वे रास्ते में एक जगह पर रुक जाएं जहां उन्हें पिक कर लेगा तब उन्होंने गाड़ी रुकवाई और खुद उतर गए और ड्राइवर तेजी से आगे निकल गया।

थोड़ी दूर बाद गाड़ी को वाहनों ने पकड़ लिया लेकिन संजय पाठक को न देखकर वे वापस लौट गए। संजय पाठक को एक कार्यकर्ता अपनी गाड़ी में बिठा कर वापस लाया लेकिन उनके बंगले के बाहर भी पुलिस का भारी जमावड़ा देखकर संजय वहां से भी लौट गए। पाठक का कहना है कि सरकार ने उनका बिजनेस चौपट कर दिया उनका रिजार्ट और खेत भी तहस नहस कर डाला ।अब उनके परिवार में उनकी मां ,पत्नी और दो बच्चे हैं। उन्हें भी सरकार मरवा सकती है। हालांकि पाठक के इन आरोपों को कांग्रेस के प्रवक्ता (spoke person) नरेंद्र सलूजा (narendra saluja) ने बेबुनियाद बताया है और कहा है कि सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए पाठक ऐसा कर रहे हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews