सीएम डॉ मोहन यादव का कांग्रेस पर निशाना, बोले-आँखें हो तो देख लो, हम जो कहते हैं करते हैं, लाड़ली बहना योजना पर कही बड़ी बात

सीएम ने कहा कि हमारे विरोधी कहते हैं, सरकार लुटा रही है, अरे आप तो दे नहीं सके तुम्हें तो लाड़ली बहना योजना में शंका ही रही , हम जब भी लाडली बहना की बात करते हैं तो तुम्हारी छाती पर सांप लोटता है, तुम हमेशा लाड़ली बहना योजना पर सवाल खड़े करते हो
CM Dr Mohan Yadav

 Mohan cabinet meeting : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की पहल पर आज पहली बार राजधानी भोपाल से बहुत दूर एक गांव में कैबिनेट की बैठक हुई, वीरांगना रानी दुर्गावती की शौर्य स्थली दमोह जिले के सिंग्रामपुर में पर मंत्री परिषद के सदस्य पहुंचे और उन्होंने प्रदेश के विकास और जन कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की और कई प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी।

सिंग्रामपुर के लिहाज एक बड़ा फैसला कैबिनेट ने लिए वो ये कि अब दमोह पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा जिससे सिंग्रामपुर सहित आसपास बिखरे पड़े रानी दुर्गावती की शौर्य के प्रमाण सहेजे जा सके उन्हें देश और विदेश तक के लोगों तक पहुंचाया जा सके, मुख्यमंत्री ने यहीं से जैन कल्याण बोर्ड के गठन की भी घोषणा की, उन्होंने किसानों को ब्याज मुक्त ऋण देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया, इसके अलावा अन्य कई जनहितकारी फैसले पहली ग्रामीण ओपन एयर कैबिनेट में लिए गए।

Ladli Behna Yojana की राशि बहनों के खातों में पहुंची

मुख्यमंत्री ने यहाँ क्षेत्र के लोगों को भी संबोधित किया, उन्होंने कहा हमने यहाँ 28 करोड़ रुपये उज्ज्वला गैस कनेक्शन के डाले हैं, लाड़ली बहनों के खातों में 1574 करोड़ रुपये डाले, सीएम ने कहा कि अभी ये राशि 1250 रुपये है लेकिन लाड़ली बहनों आप चिंता मत करना अभी ये और बढ़ेगी, उन्होंने कहा कि बहनों के हाथ में पैसा आता है तो घर में सुख समृद्धि आती है।

CM Dr Mohan Yadav का कांग्रेस पर निशाना

सीएम ने कहा कि हमारे विरोधी कहते हैं, सरकार लुटा रही है, अरे आप तो दे नहीं सके तुम्हें तो लाड़ली बहना योजना में शंका ही रही , हम जब भी लाडली बहना की बात करते हैं तो तुम्हारी छाती पर सांप लोटता है, तुम हमेशा लाड़ली बहना योजना पर सवाल खड़े करते हो लेकिन ये भाजपा की सरकार है हमने जो जुबान दी है उसे पूरा करेंगे, उन्होंने कहा कि इन लोगों ने उज्ज्वला योजना पर भी सवाल उठाये, अरे यदि तुम्हारी आँखें हो तो खोल कर देख लो, हमने जो कहा वो पूरा करके दिखा रहे हैं।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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