Video: सरकार के मंत्रीजी, पीएम, सीएम के लिये क्या बोल गये!

Video: सरकार के मंत्रीजी, पीएम, सीएम के लिये क्या बोल गये!

इंदौर|आकाश धोलपुरे| कानपुर के चौबेपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर (Vikas Dubey Encounter) को लेकर सुलग रहे सवालों के बीच मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक तुलसी सिलावट (Tulsi Silavat) कुछ ऐसा बोल गए जिसको लेकर सियासत में बवाल शुरू हो गया है| उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल (Video Viral) हो रहा है| इस वीडियो को कांग्रेस नेता शेयर करते हुए तंज कस रहे हैं|

दरअसल, मंत्री पद त्यागते हुए कांग्रेस छोड़ भाजपा में आये और फिर दुबारा मंत्री बने तुलसी सिलावट मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे| एनकाउंटर के सवाल पर मंत्रीजी प्रधानमंत्री, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को कलंक बता गए| उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और उप्र के मुख्यमंत्री ऐसे लोग समाज के लिए कलंक है| जो सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों के साथ क्या करना है और जो घटना घटी है यह हमारे समाज के लिए एक प्रेरणा भी है|

मंत्रीजी का अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है| जिसको लेकर सवाल खड़े हो रहे क्या मत्रीजी की जुबान फिसल गई या वीडियो में किसी की कारस्तानी है| फिलहाल कांग्रेस इस पर तंज कसते हुए कह रही है कि जुबान पर सच्चाई आ ही गई| एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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