इंदौर में कोरोना का कोहराम, सिंतबर में ली 174 की जान, संक्रमितों का आंकड़ा 24 हजार पार

इंदौर में कोरोना का कोहराम, सिंतबर में ली 174 की जान, संक्रमितों का आंकड़ा 24 हजार पार

इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश (Madhyapradesh) की आर्थिक राजधानी इंदौर (Indore), मेडिकल हब इंदौर, आधुनिक शहर इंदौर, मिनी मुंबई इंदौर, देश मे स्वच्छता में नम्बर 1 इंदौर में कोरोना किस कदर कोहराम मचा रहा है इसका ताजा उदाहरण सितंबर में देखने को मिला है। पूरे माह हर रोज कोरोना (Corona) ने ऐसे धमाके किये की हर कोई हैरान रह गया।

सितंबर माह के 30 दिनो में 8 दफा 200 से ज्यादा संक्रमित मरीज सामने आए और 10 बार ऐसा हुआ कि 300 से ज्यादा संक्रमित सामने आए वही सबसे ज्यादा याने 12 दफा ऐसा हुआ कि 400 से ज्यादा कोरोना संक्रमित (Corona infected) सामने आए याने की सितंबर माह में इंदौर ने जमकर सितम ढाया। बीते माह की 29 तारीख को सबसे ज्यादा रिकॉर्ड 482 संक्रमित मरीज सामने आए और बुधवार याने 30 सितंबर को 469 मरीज सामने आए है। इधर, कोविड – 19 के खतरनाक वायरस ने 174 लोगो की जान भी ले ली।

सितंबर माह में कुल 11225 कोरोना मरीज सामने आए है हालांकि इस दौरान बड़ी संख्या में लोगो ने कोरोना को मात भी दी है वही वर्तमान में इंदौर शासकीय व निजी कोविड अस्पतालों व सेंटर्स में 4533 कोरोना से पीड़ित मरीजो का इलाज जारी है। फिलहाल इंदौर में अब तक कुल 24475 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए है जिनमे से 19370 लोग पूरी तरह से स्वस्थ होकर लौट चुके है। वही अब तक इंदौर में कुल 572 लोगो की जान कोरोना संक्रमण के चलते जा चुकी है।

अनलॉक हुए इंदौर में अकेले सितंबर माह में कोरोना संक्रमण के मामले इतने तेजी से आये है कि स्वास्थ्य विभाग और आम आदमी हैरान है। हालांकि बड़ी संख्या में लोगो की लापरवाही एक बड़ी वजह मानी जा रही है। क्योंकि लोग मुंह पर मास्क लगाने में कोताही बरत रहे है तो दूसरी ओर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने से भी चूक रहे है। इधर, हैरानी वाली बात ये है कि लोग सेनेटाइजर का उपयोग भी नही के बराबर कर रहे है वही बार बार हाथ धोने के बेसिक नियम को भूल रहे है जिससे वायरस का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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