
Bhopal Satpura Bhawan fire : राजधानी भोपाल के प्रशासनिक कार्यालय सतपुड़ा भवन में लगी आग की लपटें सियासी गलियारों तक पहुंचनी ही थी। एक तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे लेकर रिव्यू मीटिंग बुलाई वहीं कांग्रेस इस आग पर सवाल उठा रही है। ‘आग लगी या आग लगाई गई’…कांग्रेस ने ये सवाल उठाया है और मामले की जांच की मांग भी की है। वहीं गृहमंत्री इसे कांग्रेस की अवसरवादिता करार दे रहे हैं। उन्होने कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है।
ये कोई पहली बार नहीं है जब सतपुड़ा भवन में आग लगी हो। इससे पहले भी वहां कई महत्वपूर्ण दस्तावेज आग में जलकर खाक हो गए हैं। अब चुनावी साल में अगर ऐसे अहम सरकारी दफ्तर में आग लगे तो सवाल उठना लाजमी है। कमलनाथ ने एक बार फिर बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पूछा है कि ‘आग लगी है या लगाई गई है?’ उन्होने कहा कि अभी तक कहा जा रहा है कि 12 हजार फाइलें जली हैं, लेकिन पता नहीं कितनी फाइले जली हैं और उसके पीछे क्या उद्देश्य था। इसी के साथ पीसीसी चीफ ने इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। उन्होने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उसके पास ऐसे स्थिति से निपटने की कोई तैयारी नहीं है..बस उनकी पैसे बनाने की तैयारी होती है।
वहीं बीजेपी ने कहा है कि फाइलें भले जल गई हों लेकिन हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव में डेटा मौजूद रहता है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ‘इसकी उच्चस्तरीय जांच की जा रही है और 3 दिन में उसकी रिपोर्ट आ जाएगी। सारे दस्तावेज रिक्रिएट हो जाएंगे।’ वहीं कांग्रेस के आरोपो पर पलटवार करते हुए उन्होने कहा कि ‘कांग्रेस अवसर तलाशती है..चार हजार कर्मचारी अंदर है ऐसे में कैसे आग लग जाएगी, कौन मिट्टी का तेल पेट्रोल लेकर अंदर जाएगा। इनकी बुद्धि पर तरस आता है।’ उन्होने कहा कि कांग्रेस के आरोप निंदा के काबिल है। इस तरह उन्होने सारे आरोपों को सिरे से नकार दिया। बहरहाल..इस आग ने सियासी हमलों को आंच जरुर दे दी है और बीजेपी कांग्रेस दोनों ही इस मुद्दे पर एक दूसरे पर अलग अलग तरह के आरोप जड़ रहे हैं।
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पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

