CM मोहन यादव ने बुढ़ानिया पहाड़ी से की 21 लाख पौधे लगाने की शुरुआत, बोले- ‘पेड़ ही भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी’

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तीसरे चरण के तहत इंदौर में 21 लाख पौधे लगाने और 51 हजार वर्षा जल संचयन यूनिट बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुढ़ानिया की पहाड़ी पर पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत की है।
CM मोहन यादव ने बुढ़ानिया पहाड़ी से की 21 लाख पौधे लगाने की शुरुआत, बोले- 'पेड़ ही भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी'

इंदौर में रविवार को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े अभियान की शुरुआत हुई। दरअसल शहर की बुढ़ानिया पहाड़ी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पौधरोपण कर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तीसरे चरण का शुभारंभ किया। वहीं इस अभियान के तहत पूरे इंदौर जिले में 21 लाख पौधे लगाने और 51 हजार वर्षा जल संचयन यूनिट तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दिन बीएसएफ परिसर की 48 एकड़ जमीन पर करीब एक लाख पौधों के रोपण की शुरुआत हुई, जिनमें 51 हजार पौधे एक ही दिन लगाए गए।

दरअसल मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करने की भी अपील की। वहीं इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

पेड़ केवल हवा को शुद्ध नहीं करते है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल ‘एक पेड़ मां के नाम’ आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। उन्होंने बताया कि इंदौर जैसे शहर जब बड़े स्तर पर पौधरोपण करते हैं तो उसका सकारात्मक संदेश पूरे प्रदेश और देश तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम के बीच पेड़ लगाना सबसे जरूरी काम बन गया है। इसी सोच के साथ इंदौर में लाखों पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। दरअसल कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पेड़ केवल हवा को शुद्ध नहीं करते, बल्कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड को कम करने, तापमान नियंत्रित रखने और जैव विविधता को बचाने में वृक्षों का बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि जब समाज, प्रशासन और सामाजिक संस्थाएं एक साथ मिलकर काम करती हैं तो ऐसे अभियान सफल होते हैं। इसी कारण इस बार पौधरोपण के साथ वर्षा जल संरक्षण को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है।

कई जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद

दरअसल जनकार्य एवं उद्यान प्रभारी राजेंद्र राठौर ने जानकारी दी कि इस वर्ष बुढ़ानिया की 48 एकड़ पहाड़ी को बड़े पौधरोपण स्थल के रूप में विकसित किया गया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सहयोग से उपलब्ध कराई गई इस जमीन पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य खाली और बंजर क्षेत्रों को हरित क्षेत्र में बदलना है, ताकि आने वाले वर्षों में यहां घना हरित क्षेत्र विकसित हो सके।

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मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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