Indore News : ACP धैर्यशील येवले ने दिया इस्तीफा! पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर ने कही ये बड़ी बात

Indore News : ACP धैर्यशील येवले ने दिया इस्तीफा! पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर ने कही ये बड़ी बात

Indore News : इंदौर के हीरा नगर सर्किल के ACP धैर्यशील येवले का इस्तीफा इस समय इंदौर सहित पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है, सोशल मीडिया पर इस्तीफे की वजह ACP येवले और पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर के बीच मनमुटाव बताई जा रही है उधर पुलिस कमिश्नर ने इसका खंडन करते हुए कहा कि येवले मेरे पास अपने स्वास्थ्य को लेकर चर्चा करने आये थे।

पुलिस कमिश्नर ऑफिस से लौटते ही दिया इस्तीफा!

विधानसभा चुनाव से पहले इंदौर  में पदस्थ ACP धैर्यशील येवले के इस्तीफे की चर्चा ने पुलिस महकमे में सुगबुगाहट तेज कर दी है, सोशल मीडिया के मुताबिक हीरानगर सर्किल के एसीपी धैर्यशील येवले शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर से मिलने उनके ऑफिस गए थे यहाँ फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं किये जाने पर कमिश्नर ने एसीपी को फटकार लगाई थी, जिसके बाद शुक्रवार देर शाम उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया।

कमिश्नर बोले ACP येवले ने VRS की बात की 

मीडिया ने आज जब पुलिस कमिश्नर से एसीपी के इस्तीफे को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि यदि अपराध को लेकर वो दबाव में थे तो य़ह अच्छी बात है, लेकिन वो मेरे पास आपने स्वास्थ को लेकर चर्चा करने आये थे वे स्वेच्छा से सेवानिवृत होना चाह रहे थे, यानि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के चलते VRS की बात की थी जिसका फैसला शासन स्तर पर होगा।

सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा को लेकर कही ये बात 

कमिश्नर ने कहा कि जहाँ तक काम के दबाव का सवाल है तो ये एक साधारण प्रक्रिया है जिसमें सभी अधिकारियों को अपराधों, चुनाव या फिर अन्य किसी भी बात के लिए दबाव झेलना ही होता है, मनमुटाव की कोई बात नहीं है, सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है मैं कुछ नहीं कह सकता।

आपको बता दें कि धैर्यशील येवले को 2 वर्ष रिटायरमेंट के लिए बचे हुए हैं, वे कई वर्षों तक इंदौर के अलग-अलग स्थान पर थाना प्रभारी के पद पर रहे हैं येवले का कार्य करने का तरीका काफी नर्म रहा है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews