इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 200 पार, अब तक 21 लोगो की मौत

इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 200 पार, अब तक 21 लोगो की मौत

इंदौर| आकाश धोलपुरे| देशभर के कोरोना संक्रमण मामलो में इंदौर तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तो कोरोना ने शहर की सबसे बड़ी कालोनी सुदामा नगर पर अटैक कर दिया है। इसके अलावा शहर के कई अन्य क्षेत्रो में कोरोना फैल रहा है जिसके चलते आज जिला प्रशासन ने 10 से अधिक क्षेत्रो को कंटेन्मेंट एरिया घोषित कर दिया।

8 अप्रैल बुधवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज द्वारा जारी किये गए बुलेटिन के अनुसार अब तक इंदौर में कोरोना से पीड़ित पॉजिटिव मरीजो का आंकड़ा 213 तक पहुँच गया है वही कोरोना से मरने वालों की संख्या 21 हो चुकी है। याने सिर्फ आज ही के दिन की बात की जाए तो आज, इंदौर में कोरोना के 40 पॉजिटिव मरीज में मिले है वही 6 लोगो की मौत की पुष्टि मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट कर रही है। जिसका सीधा मतलब है कि अब इंदौरवासियों को ज्यादा सतर्क हो जाना चाहिए और घर से बाहर लक्ष्मण रेखा को पार नही करना चाहिए। इसके साथ ही अब गली और मोहल्लों में भी लोगो को एकत्रित नही होना चाहिए ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना बेहद जरूरी हो गया जिसका पालन करने की अपील प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही है।
आज की फायनल रिपोर्ट के अनुसार इंदौर में अब तक 213 कोरोना पॉजिटिव हो चुके है वही कोरोना से जंग में 21 लोग अपनी जान गंवा चुके है। रिपोर्ट के मुताबिक अभी भी 13 लोगो की हालत गम्भीर बनी हुई है वही 161 लोगो की स्थिति, स्थिर बताई जा रही है। इंदौर के अलावा अब तक उज्जैन के 6, खरगोन के 12, बड़वानी के 12 और उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी के 1 व्यक्ति की रिपोर्ट, कोरोना पॉजिटिव बताई जा रही है। ऐसे में हम आपसे अपील करते है कि आप सभी एक दूसरे से दूरी बनाये रखे और हाथों को बार धोये साथ ही सेनेटाइजर के इस्तेमाल भी करे और घर से बाहर निकलने पर मास्क अवश्य पहने। क्योंकि, कोरोना से घबराना नही है बल्कि शासन के निर्देशों का पालन कर कोरोना को हराना है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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