बिना अनुमति छुट्टी लेने पर उपयंत्री की सेवा समाप्त, कई लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई

बिना अनुमति छुट्टी लेने पर उपयंत्री की सेवा समाप्त, कई लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई

इंदौर| कोरोना संकट के बीच जारी जंग के बीच निगमायुक्त आशीष सिंह के निर्देश पर इंदौर में कई कर्मचारी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है| वाट्सएप पर छुट्टी का आवेदन देकर घर बैठने वाले एक उपयंत्री पर गाज गिरी हैं| उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा काम में लापरवाही बरतने वाले कुछ कर्मियों की भी सेवा खत्म की गई है जबकि कुछ उपयंत्रियों का वेतन राजसात किया गया है।

निगमायुक्त ने रविवार को डोर टू डोर कचरा संग्रहण और किराना सामग्री सप्लाई की समीक्षा के दौरान लापरवाह कर्मियों पर यह कार्रवाई की। इस दौरान निगमायुक्त को बताया गया कि जोन-14 के उपयंत्री योगेश जोशी 24 मार्च से ऑफिस नहीं आ रहे हैं। उन्होंने केवल वाट्सएप पर छुट्टी की सूचना दी है कि उनकी माताजी का स्वास्थ्य खराब है। इस संबंध में उन्होंने वरिष्ठ अफसरों से कोई सक्षम छुट्टी नहीं ली। आयुक्त ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के महत्वपूर्ण कार्य के दौरान बिना स्वीकृति के छुट्टी पर जाना और केवल वाट्सएप पर सूचना देना लापरवाही की श्रेणी में आता है, इसलिए उपयंत्री की सेवाएं तुरंत समाप्त की जाए।

इसी तरह जोन-13 वार्ड तीन के मस्टर सफाईकर्मी मनोज पिता संजय की डोर टू डोर किराना सामग्री वितरण में लापरवाही की शिकायत मिली। उसने ऑर्डर की पर्ची लेने के बाद सामग्री वितरण नहीं किया जिस पर आयुक्त ने मनोज की सेवाएं भी खत्म कर दी। समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि जोन-9 के उपयंत्री चंदनसिंह चंदेल लगातार काम में लापरवाही बरत रहे हैं और दिया गया काम नहीं कर रहे हैं। आयुक्त ने उन्हें निलंबित कर जलूद भेज दिया। इसी तरह जोन-12 के उपयंत्री अजय कटारे द्वारा काम में लापरवाही करने पर उनका सात दिन का वेतन राजसात करने के निर्देश दिए गए। जोन-6 के उपयंत्री राजेंद्र शर्मा का 15 दिन, उपयंत्री हीरालाल वर्मा का सात दिन और जोन-13 के उपयंत्री राजेश चौहान का सात दिन का वेतन भी राजसात करने के निर्देश आयुक्त ने अफसरों को दिए हैं।

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