हल्दी की रस्म बनी मौत की वजह! खरगोन की दुल्हन ने शादी से पहले तोड़ा दम, परिवार में पसरा मातम

खरगोन में शादी से पहले हल्दी की रस्म के बाद 22 वर्षीय दुल्हन की तबीयत बिगड़ गई। चेहरे पर सूजन, गले में जलन और एलर्जी बढ़ती गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
हल्दी की रस्म बनी मौत की वजह! खरगोन की दुल्हन ने शादी से पहले तोड़ा दम, परिवार में पसरा मातम

खरगोन जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। जिस घर में कुछ दिनों बाद शहनाइयां बजने वाली थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। 22 वर्षीय राखी की शादी 26 अप्रैल को होने वाली थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था और घर में हल्दी की रस्म चल रही थी। लेकिन किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यही रस्म उसकी जिंदगी पर इतनी भारी पड़ जाएगी।

दरअसल, हल्दी लगाने के कुछ ही घंटों बाद राखी की तबीयत बिगड़ने लगी। पहले गले में जलन हुई, फिर चेहरे और होंठों पर सूजन आने लगी। धीरे-धीरे हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिवार ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आखिरकार 14 मई को उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

हल्दी की रस्म के बाद अचानक बिगड़ी दुल्हन की तबीयत

खरगोन जिले के कसरावाद के टकड़ी गांव में रहने वाली राखी अपने परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। घर में उसकी शादी की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं। 22 अप्रैल को परिवार ने पारंपरिक तरीके से हल्दी की रस्म रखी थी।

परिजनों के मुताबिक स्थानीय बाजार से खुली हल्दी और चिकसा खरीदा गया था। यही हल्दी राखी समेत करीब 15 महिलाओं को लगाई गई। शुरुआत में सबकुछ सामान्य था, लेकिन रात होते-होते राखी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

दरअसल, राखी को गले में तेज जलन महसूस हुई। इसके बाद उसके होंठ सूजने लगे और शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई देने लगे। परिवार घबरा गया और तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचा।

चेहरे की सूजन और सांस लेने में दिक्कत बढ़ती गई

राखी की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। परिवार उसे पहले खरगोन जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज शुरू किया। लेकिन जब हालत ज्यादा गंभीर हुई तो उसे इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया गया।

दरअसल, डॉक्टरों को आशंका थी कि यह गंभीर एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। एमवाय अस्पताल में राखी की कई जांचें की गईं। एक्स-रे, ईसीजी और अन्य मेडिकल टेस्ट भी किए गए, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।

परिजनों के मुताबिक राखी के चेहरे की सूजन लगातार बढ़ती जा रही थी। उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। गले में जलन इतनी ज्यादा थी कि वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी।

इलाज के लिए निजी अस्पताल भी ले गए परिजन

जब एमवाय अस्पताल में हालत में ज्यादा सुधार नहीं हुआ, तो परिवार राखी को इंदौर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज का खर्च लगातार बढ़ता गया।

दरअसल, राखी का परिवार आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं था। निजी अस्पताल का भारी खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा था। ऐसे में परिवार ने उसे वापस एमवाय अस्पताल ले जाने का फैसला किया।

लेकिन किस्मत को शायद कुछ और मंजूर था। रास्ते में ही राखी की हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदलीं

जिस घर में कुछ दिनों बाद बारात आने वाली थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिवार के लोग अब भी इस सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। दरअसल, राखी तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। उसकी शादी को लेकर घर में लंबे समय से तैयारियां चल रही थीं। परिवार ने शादी के लिए कई सपने देखे थे, लेकिन एक अचानक हुई घटना ने सबकुछ बदल दिया।

गांव के लोगों का कहना है कि राखी बेहद खुशमिजाज लड़की थी और शादी को लेकर काफी उत्साहित थी। किसी ने नहीं सोचा था कि हल्दी जैसी साधारण रस्म इतना बड़ा हादसा बन जाएगी।

बिना पोस्टमार्टम हुआ अंतिम संस्कार

राखी की मौत के बाद परिवार ने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। यही वजह रही कि शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। दरअसल, बिना पोस्टमार्टम के ही गांव में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब इस मामले में आधिकारिक तौर पर मौत की सही वजह सामने आना मुश्किल माना जा रहा है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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