कमलनाथ ने की बांधवगढ़ नेशनल पार्क में 10 हाथियों की मौत की CBI से जाँच कराने की मांग

एक तरफ तो वन्य जीवों का जीवन खतरे में है तो दूसरी तरफ यह भी दिखाई देता है कि मध्य प्रदेश का वन विभाग वन्य प्राणियों की रक्षा करने में पूरी तरह असमर्थ है।
Kamal Nath

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Kamal Nath demanded a CBI investigation death of elephants: बांधवगढ़ नेशनल पार्क में 10 हाथियों की मौत ने प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब इस मामले में सरकार से सवाल किये है और घटना की सीबीआई जाँच कराने की मांग की है।

कमलनाथ ने सोशल मीडिया X पर लिखा- 10 हाथियों की मृत्यु को करीब एक हफ्ता बीत चुका है लेकिन दोषियों को पकड़ना तो दूर मध्य प्रदेश सरकार अब तक हाथियों की मृत्यु के कारण को भी स्पष्ट नहीं कर सकी है। यह अत्यंत चिंता का विषय है।

वन विभाग वन्य प्राणियों की रक्षा करने में पूरी तरह असमर्थ है

उन्होंने लिखा-  एक तरफ तो वन्य जीवों का जीवन खतरे में है तो दूसरी तरफ यह भी दिखाई देता है कि मध्य प्रदेश का वन विभाग वन्य प्राणियों की रक्षा करने में पूरी तरह असमर्थ है। प्रदेश की जांच एजेंसियां या तो पूरी तरह अकर्मण्य है या फिर उनके पास इतनी सुविधा ही नहीं है कि वह हाथियों की मृत्यु की उचित जांच कर सकें।

कमलनाथ की मांग CBI से कराएँ हाथियों की मौत की जाँच 

ऐसे में मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपील करता हूं कि वह 10 हाथियों की मृत्यु की या तो सीबीआई जांच कराएं या फिर न्यायिक जांच के आदेश दें क्योंकि निष्पक्ष जांच न होने से वन्य प्राणियों के जीवन पर खतरा बना रहेगा और जो भी लोग इसके पीछे हैं वह खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे। इस तरह के अपराधों को दोहराने की हिमाकत करेंगे। मैं आशा करता हूं कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव  मेरी इस मांग को गंभीरता से लेंगे और प्रदेश में वन्य जीवन की सुरक्षा की दृष्टि से इस दिशा में तत्काल कदम उठाएंगे।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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