MP Urban Body Elections 2022 : किसी के पास आएगा वायलिन, किसी के पास बेलन, पढ़ें पूरी खबर

MP Urban Body Elections 2022 : किसी के पास आएगा वायलिन, किसी के पास बेलन, पढ़ें पूरी खबर

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। नगरीय निकाय चुनाव 2022 (MP Urban Body Elections 2022) में खड़े होने वाले प्रत्याशियों  के लिए चुनाव चिन्ह (Election Symbol) उनकी पहचान होता है। निर्वाचन आयोग से मान्यता प्राप्त पार्टियों के प्रत्याशियों को तो उनकी पार्टी का चुनाव चिन्ह मिलता है जिसका उपयोग वे नामांकन दाखिल करने वाले दिन से ही शुरू कर देते हैं लेकिन निर्दलीय नामांकन भरने वाले प्रत्याशी इन्तजार में रहते हैं कि उन्हें क्या मिलेगा।

मप्र राज्य निर्वाचन आयोग (MP State Election Commission) ने आज नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए मुक्त निर्वाचन प्रतीक यानि निर्दलीय उम्मीदारों के लिए चुनाव चिन्ह निर्धारित कर दिए गए हैं। यह मुक्त निर्वाचन प्रतीक उन प्रतीकों के अतिरिक्त होंगे, जो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के लिए आरक्षित हैं। आयोग ने महापौर पद के लिए 36 अउ रपार्षदों के लिए 31 चुनाव चिन्ह निर्धारित किये हैं।

महापौर के लिए विहित मुक्त निर्वाचन प्रतीक

नल, टेबल पंखा, गुब्बारा, स्लेट,बिजली का स्विच, कांच का गिलास, रेडियो, खंभे पर ट्यूबलाइट, स्टूल, गैस बत्ती, रोड रोलर, बस, सीटी, प्रेशर कुकर, बल्लेबाज, मटका, गाड़ी, बैटरी टॉर्च, सूरजमुखी, गेहूँ की बाली, सब्जियों की टोकनी, हार, अंगूठी बेंच, गैस सिलेंडर, पीपल का पत्ता, हारमोनियम, हाथ चक्की, डबल रोटी, मेज, ब्रीफकेस, गैसस्टोव, दरवाजा, ब्रुश, बल्ला, वायलिन और बेलन।

नगरीय निकायों के पार्षद के लिए विहित मुक्त निर्वाचन प्रतीक

केक, कैमरा, गाजर, कोट, टेंट, चारपाई, सिलाई की मशीन, नाव, स्कूटर, जीप, ब्लेक बोर्ड, टेलीफोन, टेलीविजन, कप और प्लेट, बरगद का पेड़, लेटर बॉक्स (पत्र पेटी), अलमारी, हॉकी और गेंद, डीजल पंप, दो तलवार और एक ढाल, डोली, फलों सहित नारियल का पेड़, कैची, बाल्टी, कमीज, फ्रॉक, केतली, लेडी पर्स, भोंपू, सेव और प्रेस।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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