मध्य प्रदेश में जारी वीडियो वॉर, ‘शोले’ के बाद अब धूम मचा रहा ‘हेरा-फेरी’ का वीडियो

मध्य प्रदेश में जारी वीडियो वॉर, ‘शोले’ के बाद अब धूम मचा रहा ‘हेरा-फेरी’ का वीडियो

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में उपचुनाव (By-election) को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है| उपचुनाव की जंग में सिर्फ जुबानी हमले ही सुर्खियां नहीं बन रहे हैं, बल्कि ‘फिल्मी’ वीडियो भी इस दौरान जमकर धूम मचा रहे हैं| चुनावी माहौल में एक के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं| पिछले दिनों फिल्म ‘शोले’ का एडिटेड वीडियो वायरल हुआ था, अब फिल्म ‘हेरा फेरी’ के वीडियो की एंट्री हुई है|

उपचुनाव को लेकर जारी तैयारियों के बीच मध्य प्रदेश की सियासत में फिल्म ‘हेरा फेरी’ (Herapheri) का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है| फिल्म में जिस तरह परेश रावल (बाबू भाई) के किरदार में सबको अपना लेनदेन चुकता करने की बात करते हैं| इसी सीन का एडिटेड वीडियो वायरल हो रहा है| वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) का चेहरा लगाया गया है और उसमे लोग उनसे कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ता और अन्य हिसाब को चुकता करने की बात कर रहे हैं| इसमें एक झलक दिग्विजय सिंह की भी दिखाई गई है|

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चुनावी माहौल में वीडियो वार इससे पहले 2018 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिला था, तब एक के बाद एक वीडियो वायरल हो रहे थे| हालांकि जो वीडियो वायरल हुआ वो किसने बनाया यह जानकारी सामने नहीं आई है, फिलहाल यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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