EC का एक्शन, बिसाहूलाल को कड़ी चेतावनी, मंत्री उषा ठाकुर को थमाया नोटिस

EC का एक्शन, बिसाहूलाल को कड़ी चेतावनी, मंत्री उषा ठाकुर को थमाया नोटिस

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) की 28 सीटों पर उपचुनाव (Byelection) में दिग्गज नेताओं के बोल शुरुआत से अंतिम दौर तक लगातार बिगड़ते रहे| विवादित टिप्पणी को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) ने सख्ती दिखाई है| पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के बाद अब शिवराज सरकार में मंत्री व अनूपपुर से भाजपा प्रत्याशी बिसाहूलाल सिंह (Bisahulal Singh) को चुनाव ने कड़ी चेतावनी दी है|

कांग्रेस छोड़ भाजपा में आये बिसाहूलाल सिंह उपचुनाव के दौरान शुरुआत से ही चर्चा में रहे| उनके वीडियो भी वायरल हुए, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी विश्वनाथ सिंह की दूसरी पत्नी को लेकर आपत्तिजनक शब्द कहे थे। इसको लेकर काफी विवाद हुआ और कांग्रेस ने इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग को की थी| इसको लेकर अब चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है| आयोग ने बिसाहूलाल सिंह को चेतावनी दी कि दोबारा अपशब्दों का उपयोग कर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन न करें। आयोग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रत्याशियों के लिए आचार संहिता बहुत पहले जारी कर दी गई थी। बिसाहूलाल ने जो शब्द कहे वह निंदनीय हैं।

इधर, चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश की मंत्री उषा ठाकुर को भी नोटिस जारी किया है| यह नोटिस उनके द्वारा 20 अक्टूबर को परदेशीपुरा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मदरसे को लेकर दिए गए बयान पर दिया है। चुनाव आयोग ने नोटिस जारी कर मंत्री उषा ठाकुर से 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है| मंत्री ठाकुर ने कहा था सारा कट्टरवाद, सारे आतंकवादी मदरसे में पले-बढ़े हैं। मदरसे बंद होना चाहिए।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews